रामपुर। चालक और परिचालकों की कमी से जूझ रहे रोडवेज डिपो की लड़खड़ाई व्यवस्था का शुक्रवार को रक्षाबंधन पर सफर के लिए निकले यात्रियों पर सीधा असर पड़ा। दोपहर के समय काफी संख्या में बसें डिपो में खड़ी दिखीं और यात्री बरेली व दिल्ली की ओर से आने वाली बसों में बैठने के लिए यात्री सड़क पर दाैड़ते हुए नजर आए।
रामपुर के रोडवेज डिपो में माैजूदा समय में 102 बसें हैं, इन्हें चलाने के लिए 208 चालक-परिचालकों की जरूरत है। 208 के स्थान पर डिपो में सिर्फ 157 चालक-परिचालक ही हैं। जिनमें से लंबी दूरी को जाने वाली बसों में दो-दो चालकों की ड्यूटी लगाई जाती है। ऐसे में बसों के हिसाब से चालक-परिचालक कम ही रहते हैं। जिससे बसें डिपो में ही खड़ी रहती हैं। शुक्रवार को भी यही स्थिति रही। कई बसें डिपो में खड़ीं दिखीं और यात्री रोडवेज बस स्टैंड के बाहर सड़क पर। सबसे अधिक यात्री बरेली, लखनऊ, मुरादाबाद के अलावा सहारनपुर और दिल्ली जाने के लिए बसों का इंतजार करते दिखे। जैसे ही कोई बस बरेली या दिल्ली की ओर जाने को आती तो यात्रियों की भीड़ उसमें बैठने के लिए दाैड़ पड़ती। भगदड़ जैसी स्थिति में सरकार की ओर से मुफ्त सफर करने निकलीं महिलाओं को सबसे ज्यादा दिक्कत झेलनी पड़ी।