रामपुर/स्वार/शाहबादर/दढ़ियाल/मिलक। मूसलाधार बारिश से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिल गई, वहीं किसानों के लिए फायदेमंद साबित हुई। धान लगाने वाले किसानों से लेकर गन्ने की खेती करने वाले किसानों को लाभ होगा, जबकि मैंथे की फसल को नुकसान होगा। वहीं, बारिश की वजह से नगरीय इलाकों से लेकर ग्रामीण इलाकों की गलियां तक पानी से लबालब हो गईं। बिजली लाइनों में भी जमकर फाल्ट हुए, जिससे शहर से लेकर गांवों तक की आपूर्ति बाधित हो गई। पूरे जिले में यही हाल रहा। स्वार, टांडा, दढ़ियाल, मिलक, बिलासपुर समेत सभी जगह यही हाल है।
स्वार क्षेत्र में बारिश की वजह से मेंथे की फसल को नुकसान हुआ, तो बिजली गुल हो गई। वहीं, क्षेत्र के तमाम इलाकों में जलभराव हो गया, जिससे लोगों को आवागमन में दिक्कत हुई।
शनिवार की सुबह अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। तेज हवा के साथ घने बादल छा गए, जिसके बाद शुरू हुई बारिश ने लोगों को लगातार पड़ रही भीषण गर्मी से निजात दिलाई। वहीं, बारिश से नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों पर जगह जगह जलभराव हो जाने के कारण लोगों को आवागमन करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बारिश में किसानों के गन्ने व साठा धान की फसलों को फायदा पहुंचा है, जबकि खेत मे कटी पड़ी मेंथे की फसल को नुकसान पहुंचा है। तेज हवा चलते ही नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। पांच घंटे बाद बिजली सुचारू रूप से चालू हुई। इस दौरान लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ा। एसडीओ अमर सिंह ने बताया कि तेज हवा से लाइन में तकनीकी फाल्ट हो जाने से बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी। फाल्ट ठीक कराकर आपूर्ति शुरू करा दी गई है।
शाहबाद क्षेत्र में खेत में कटी हुई मेंथे की फसल खराब हो गई। फसल खराब हो जाने से किसानों का भारी नुकसान हुआ है। फसल में बारिश का पानी भर गया, जिससे किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। किसानों की मानें तो बारिश मेंथे की खड़ी फसलों को भी नुकसान हुआ है। इससे मेंथे का तेल भी कम निकलेगा।
दढ़ियाल क्षेत्र में शनिवार सुबह बारिश से किसानों की फसल भी प्रभावित हुई हैं। बारिश से जहां गन्ना किसानों को काफी फायदा हुआ है और सिंचाई के लिए महंगे डीजल की खरीद से कुछ दिनों के लिए छुटकारा मिल गया है, वहीं बारिश ने मेंथा किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें डाल दी हैं। मेंथा किसान सुभाष भंडारी, देवेंद्र सिंह, अख्तर अली का कहना कि इस समय कई किसानों की फसल कटकर खेत में अथवा मेंथा टंकियों पर तेल निकलवाने के लिए पड़ी है। बारिश में भीगने से कटी फसल को काफी नुकसान हुआ है। बताया कि मेंथा तेल की अच्छी औसत के लिए फसल का सूखा होना और कटाई के समय खेत मे नमी का न होना अति आवश्यक है। अब बरसात से नुकसान हो गया है।
मिलक एवं क्षेत्र में शनिवार को सुबह बारिश होने पर धान व गन्ने की फसल करने वाले किसानों के चेहरे खिल उठे। किसानों को बारिश से धान व गन्ने की फसल करने वाले किसानों को लाभ होगा। किसानों की धान की रोपाई के लिए खड़ी पौध में बारिश से फायदा मिला। वहीं दूसरी ओर नगर और क्षेत्र में कई जगह जलभराव होने के कारण फिसलन हो गई तथा नालियों की गंदगी सड़कों पर आ गई।