नगर में लगातार शिकायत मिलने के बाद एसीएमओ ने टांडा एसडीएम के साथ मिलकर तीन निजी अस्पतालों पर छापा मारा। इसमें से एक अस्पताल को एसीएमओ द्वारा सीज कर दिया गया। वही अन्य दोनों अस्पतालों से डॉक्टर के न मिलने पर रजिस्ट्रेशन के कागज लेकर वापस लौट आए। वही कार्रवाई का पचा चलते ही झोलाछाप डॉक्टरों में हड़कंप मच गया।
बुधवार को लगातार शिकायत मिलने पर एसीएमओ देवेश चौधरी ने एसडीएम टांडा मान सिंह पुंडीर के साथ मिलकर नगर से सटे ग्राम बादली स्थित गुडविल अस्पताल पर छापा मार दिया। अस्पताल में छापा पड़ते ही कर्मियों में हड़कंप मच गया। जब एसीएमओ द्वारा डॉक्टर के बारे में जानकारी की गई तो कर्मियों ने बताया की डॉक्टर चिकित्सालय में नहीं है। जांच करने पर चिकित्सालय में टीम को एक महिला मरीज मिली।
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इसके बाद उन्होंने कागज दिखने को कहा लेकिन कर्मी कोई भी दस्तावेज नहीं दिखा पाए। इसके बाद एसीएमओ के आदेश पर साथ में आए प्रधान लिपिक संजोक कुमार तथा आजम ने चिकित्सालय को पूरी तरह सील कर दिया। उसके बाद टीम नगर के मोहल्ला नवाबपुरा स्थित जीवन रेखा अस्पताल पहुंची जहाँ पर उन्होंने डॉक्टर से दस्तावेज दिखाने को कहा और अपने साथ डॉक्टर द्वारा दिखाया गया रजिस्ट्रेशन ले आई।
वह से टीम नगर पालिका के पीछे स्थित चिकित्सालय पहुंची जहाँ पर डॉक्टर के ना मिलने पर अपने साथ उसका भी ओरिजिनल रजिस्ट्रेशन साथ ले आई। टीम द्वारा अचानक नगर के विभिन्न तीन डॉक्टरों के छापामार कार्रवाई किए जाने से नगर के झोलाछाप डॉक्टरों में हड़कंप मच गया। सभी डॉक्टर अपनी क्लिनिक बंद कर भाग खड़े हुए।