इस दौरान पुल के पिलरों के आसपास मिट्टी का भरान किया गया। कोसी नदी में फिर से खनन माफियाओं ने सक्रियता बढ़ा दी है।
दिन रात पोपलेन और जेसीबी मशीनों से खनन के काम को अंजाम दिया जा रहा है। खनन कारोबारियों की ऊंची पहुंच के चलते पुलिस प्रशासन इन पर कोई कार्रवाई नहीं कर पा रहा। इससे नदी पर बने पुल को खतरा उत्पन्न हो गया है। बता दें कि सुल्तानपुर पट्टी के पास कोसी नदी पर रेलवे और यातायात पुल बना है। दोनों पुल तहसील क्षेत्र में ही आते हैं। नियमानुसार इन पुलों के करीब तीन सौ मीटर दोनों तरफ खनन पर रोक है। पुल के आसपास कराए गए खनन से पुल के पिलरों की गहराई दिखने लगी है।
गुरुवार को रेलवे अधिकारियों की टीम ने कोसी नदी के रेलवे पुल पर पहुंच कर जांच की। अधिकारियों ने जेसीबी मशीन मंगवाकर पुल के पिलरों की गहराई को मिट्टी भरान कर पाटा गया। इसके अलावा माफियाओं ने पुल के समीप बनाए रास्तों पर गहरे-गहरे गड्ढे बना दिए गए। टीम में उत्तराखंड काशीपुर के सहायक मंडल इंजीनियर आर एस राणा, सीनियर सेक्शन अश्वनी कुमार, संजीव भारती, आर एस विष्ट संजीव शर्मा आदि लोग मौजूद रहे।
एसडीएम अभय गुप्ता ने बताया कि कोसी नदी में खनन होने की सूचनाएं मिल रही हैं। कोतवाली पुलिस को खनन कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। वही रेलवे के सहायक मंडल इंजीनियर आरएस राणा ने बताया कि ऐसे ही पुल के नीचे खनन होता रहा तो कभी भी दोनाें पुलों को खतरा हो सकता है। रामपुर के जिलाधिकारी सहित आलाधिकारियों को मामले से अवगत करा दिया गया है।