रामपुर। समाजवादी पार्टी के प्रदेशव्यापी धरने प्रदर्शन में रामपुर में भी सपाइयों ने सपा कार्यालय दारुल आवाम पर मौन प्रदर्शन किया। राज्य सरकार के खिलाफ प्रदेशव्यापी प्रदर्शन के तहत रामपुर में भी गांधी समाधि पर सपाइयों को प्रदर्शन करना था, लेकिन इजाजत नहीं मिलने पर सपा दफ्तर दारुल आवाम पर मौन प्रदर्शन किया। सपाइयों ने सांसद आजम खां, विधायक डॉ. तजीन फात्मा और उनके पुत्र अब्दुल्ला आजम की रिहाई करने की मांग की।
सपा के जिलाध्यक्ष अखिलेश कुमार ने कहा कि प्रदेश में जो कुछ भी चल रहा है उसका जवाब 2022 में दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिले के लगभग 75 फीसदी सपाइयों को जेल में डाल दिया गया है। सांसद आजम खां, विधायक डॉ. तजीन फात्मा और उनके पुत्र अब्दुल्ला आजम पर कई फर्जी मुकदमे दर्ज किए गए हैं। उन्होंने मांग की कि आजम खां, डॉ. फात्मा और अब्दुल्ला पर दर्ज फर्जी मुकदमे वापस लिए जाएं और उनको रिहा किया जाए। सपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि हाथरस कांड ने प्रदेश सरकार की पोल खोलकर रख दी है। पुलिस ने पीड़िता के गांव को छावनी में तब्दील कर दिया है, वहां किसी को जाने की इजाजत नहीं है। सरकार और पुलिस ने अब वहां किसको बचाने के लिए सुरक्षा के इंतजाम किए हैं।
सपा महिला सभा की राष्ट्रीय सचिव अनीता यादव ने कहा कि योगी सरकार ने हिंदुओं को छलने का काम किया। मुख्यमंत्री भूल गए हैं कि जब मां बेटियों की इज्जत तार-तार होती है तो हिंदुस्तान में त्राहि त्राहि होती है। केंद्र और प्रदेश में भाजपा की सरकार है लेकिन किसी भी नेता ने हाथरस की बेटी पर हुए जुल्म को लेकर अपनी जुबान नहीं खोली। इस मौके पर पूर्व विधायक विजय सिंह, जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष मास्टर लाखन सिंह, संतोष शर्मा, केतकी गंगवार, मतलूब अंसारी, अमरजीत सिंह, रूही खानम, हरनाम सिंह, शिम्मी खानम, हामिद गोल्डन, अशोक मिश्रा, हुमैरा खान, आसिम खान, फिरासत खान, अनिल सागर, जुबैर मोहसिन खान, आनन्द शर्मा, राजा खान, हरज्ञान सिंह, भगवान दास, सौरभ, मबरूर मियां, सोनू कठोरिया, हाजी जमील, जफर खान सहित अन्य कई सपाई मौजूद रहे।