रामपुर। बेंगलुरू में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के मुंह पर स्याही फेंके जाने के विरोध में मंगलवार को संगठन से जुड़े किसान सड़क पर उतर आए। किसान एकत्र होकर कलक्ट्रेट जाने लगे तो सिविल लाइंस पुलिस ने उन्हें रोक लिया। जिसके बाद किसान वहीं पर धरने पर बैठ गए। इसके बाद मौके पर पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट ने किसानों को समझा-बुझाकर शांत कराया।
मंगलवार को भाकियू टिकैत से जुड़े तमाम किसान सिविल लाइंस स्थित कार्यालय पर एकत्र हुए।। इसके बाद जिलाध्यक्ष हसीब अहमद के नेतृत्व में किसान जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट की ओर चल दिए। जैसे ही किसान लोक निर्माण विभाग के निरीक्षण भवन के सामने पहुंचे वहां पहले से मौजूद पुलिस फोर्स ने घेराबंदी कर कलक्ट्रेट जाने से रोक दिया। इस दौरान पुलिस और किसानों के बीच धक्का मुक्का होने लगी। कलक्ट्रेट में लोकसभा उपचुनाव की नामांकन प्रकिया चलने के कारण आंबेडकर पार्क के निकट ही बैरियर लगा दिए गए हैं और पुलिस बल तैनात है। जिस कारण किसान आगे नहीं जा सके। कुछ देर बाद सिटी मजिस्ट्रेट किसानों के बीच पहुंचे। उन्होंने ज्ञापन लेकर किसानों को शांत किया। डीएम के जरिए राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को भेजे ज्ञापन में राकेश टिकैत पर स्याही फेंकने की सीबीआई जांच और उनकी सुरक्षा बढ़ाने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में मंजीत सिंह अटवाल, गुरप्रीत सिंह अटवाल, सुखविंदर सिंह, राहत खां, दरयाब सिंह, वीरेंद्र सिंह, होरी लाल, सुभाष चंद्र शर्मा, रामबहादुर सागर, चौधरी राजवीर सिंह, चौधरी अजीत सिंह ,अमृत सिंह, मुस्तकीम, नईम, रामदास मौर्य, बलजीत सिंह, इरफान हसन, मोहम्मद तालिब आदि शामिल रहे।
वहीं दूसरी ओर भारतीय किसान यूनियन अन्नदाता के प्रदेश अध्यक्ष उस्मान अली पाशा ने भी राकेश टिकैत पर स्याही फेंके जाने की सीबीआई जांच कराने की मांग की है।