भोट (रामपुर)। नए कृषि कानूनों की वापसी की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन का धरना 39वें दिन भी जारी रहा। इस दौरान धरना स्थल पर बैठे किसानों ने केंद्र सरकार पर देश के किसानों के साथ धोखा करने का आरोप लगाते हुए केंद्र सरकार पर किसान विरोधी होने का आरोप लगाया।कुछ दिन या माह आंदोलन करने से एक फसल ही चौपट हो सकती है लेकिन यह कृषि कानून लागे हो गए तो किसानों का भविष्य ही चौपट हो जाएगा। आक्रोशित किसानों ने नारेबाजी व प्रदर्शन कर तीनों कृषि कानूनों को वापस किए जाने की मांग की।
कोयला टोल प्लाजा पर भाकियू से जुड़े किसान पिछले 39 दिनों से सरकार के नए कृषि कानूनों के विरोध में धरने पर बैठे है। सोमवार को धरने पर बैठे किसानों को सम्बोधित करते हुए तहसील अध्यक्ष इरफान हसन ने कहा कि अभी तो किसान आंदोलन को सात माह ही हुए है। सरकार अभी इन कृषि कानूनों से किसानों व देश को होने वाले नुकसान को समझ नहीं पा रही है। जल्दी ही सरकार की भी समझ में आ जाएगा कि यह कानून किसानों को नुकसान देने वाले हैं और फिर वह कानून भी वापस लेगी। इसलिए किसान हिम्मत न हारे व धरने पर डटे रहे। कुछ दिन या माह आंदोलन करने से एक फसल ही चौपट हो सकती है लेकिन यह कृषि कानून लागे हो गए तो किसानों का भविष्य ही चौपट हो जाएगा। इसलिए किसानों को हिम्मत नहीं हारना है और अपने हक की लड़ाई लड़ने से पीछे नहीं हटना है।जब तक सरकार तीनों कृषि कानूनों को वापस नहीं लेगी किसानों का आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान मंडल उपाध्यक्ष मोहम्मद तालिब, छिद्दा अली,मुजफ्फर अली, मुनव्वर आलम,महबूब हसन, इस्तकार अली, शाकिर अली, अब्दुल मुस्तफा, नदीम अहमद, शकील अहमद, फरमान, आफताब, जगदीप, सचिन कुमार, मनप्रीत सिंह, सतनाम सिंह,मोहम्मद निजाम, चौधरी सलामत,अमीर अहमद आदि मौजूद रहे।