भोट/धमोरा/शाहबाद/स्वार/रामपुर। कृषि कानूनों के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर विभिन्न किसान संगठनों ने काला दिवस मनाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान भाकियू कार्यकर्ताओं द्वारा पुतला दहन की कोशिश की गई लेकिन, पुलिस ने पुतले को कब्जे में ले लिया और उसका दहन नहीं होने दिया।
बुधवार को विभिन्न किसान संगठनों ने कृषि कानूनों का विरोध जताया। रामपुर में भारतीय किसान यूनियन टिकैत के जिलाध्यक्ष हसीब अहमद के नेतृत्व में कार्यकर्ता सिविल लाइंस स्थित कार्यालय पर एकत्र हुए और काले झंडे थामकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने केंद्र सरकार का पुतला तैयार किया और पुतला लेकर नारेबाजी करते हुए हाईवे पर पहुंच गए। इतने में पुलिस भी पहुंच गई और किसानों से जबरन पुतला छीन लिया। इस दौरान किसानों और पुलिस में तीखी नोकझोंक हुई। बाद में पुलिस पुतला लेकर वापस चली गई। जिला अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार की नीति और नीयत ने पूरे देश को श्मशान घाट बना दिया है। अच्छे दिनों का वादा कर बुरे दिनों की तरफ धकेल दिया। कहा कि जब तक कानून की वापसी नहीं होती तब तक किसान भी घर वापस नहीं लौटेंगे। इसके बाद किसानों का जत्था दिल्ली रवाना हो गया। इस अवसर पर राहत खान, अनीस अहमद, मेहंदी हसन, सलीम, वसीम, जागीर सिंह, वीरेंद्र सिंह, होरी लाल, खुशीराम यादव, रामदास मौर्य, मोहम्मद तालिब, नल सिंह यादव, हरिओम, रामबहादुर सागर, सेवाराम, इरफान अहमद, रामगोपाल आदि मौजूद रहे।
इसके साथ ही भाकियू अन्दाता के कार्यकर्ताओं ने भी कृषि कानूनों का विरोध जताते हुए पांच सूत्रीय ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट रामजी मिश्रा को सौंपा। इस मौके पर युवा प्रदेश अध्यक्ष उस्मान अली पाशा ने कहा कि किसान और गरीब विरोधी अध्यादेश वापसी की मांग को लेकर किसान आंदोलन को पूरे छह महीने बीत गए हैं, लेकिन सरकार कोई समाधान नहीं चाहती। ज्ञापन देने वालों में जीनत खान, मोहम्मद फैजान, दानिश मियां, फरमान मोहम्मद ,इमरान, संजीव राजपूत आदि शामिल रहे।
भारतीय किसान यूनियन लोकशक्ति के कार्यकर्ताओं ने भी चमरपुरा में बैठक कर कृषि कानूनों का विरोध जताया। जिला अध्यक्ष संजोर अली पाशा ने कहा कि हम सरकार से बार-बार अपनी बात कह रहे हैं। हम अपना हक मांग रहे हैं जो सरकार को किसानों के हित में देना चाहिए। इसीलिए आज पूरे देश का किसान जाग उठा है। इस दौरान मोहम्मद जाहिद, लालता प्रसाद आदि मौजूद रहे।
धमोरा में भी किसानों ने कृषि विज्ञान केंद्र पर प्रदर्शन कर कृषि कानूनों का विरोध जताया। इस दौरान राशिद अंसारी ने कहा कि सरकार द्वारा लाए गए कृषि कानून किसान विरोधी हैं। 6 महीने से लगातार किसान अपना घर बार छोड़कर इन कानूनों के विरोध में आंदोलनरत हैं। इसदौरान किसानो ने काली पट्टी बांधकर विरोध किया और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस मौके पर जाकिर, राम सिंह मौर्य, सनी खान, प्रदीप शर्मा, अशोक राजपूत, इकबाल हुसैन आदि मौजूद रहे।
भोट में संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर भारतीय किसान यूनियन अंबावता के कार्यकर्ताओं ने हाथ पर काला कपड़ा बांध कर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान जिलाध्यक्ष मोहम्मद सलीम वारसी ने कहा कि किसानों को दिल्ली में धरना देते हुए 6 महीने बीत चुके हैं, लेकिन केंद्र सरकार किसानों की मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है। प्रधानमंत्री ने एक भी दिन किसानों के प्रति संवेदना से संबंधित कोई शब्द नहीं कहा। सरकार के इस तहर के रवैये से लगता है कि केन्द्र की वर्तमान सरकार किसान विरोधी है। इस दौरान फ़िरोज खान,जगतार सिंह,वाहिद खान,रईस अहमद,इंतेजार अली,टेक बहादुर सिंह,आलिम,इलयास अली,दिनेश कुमार,लईक अहमद आदि मौजूद रहे।
वहीं रामपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी कार्यालय पर किसानों के समर्थन में काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। इस मौके पर युवा कांग्रेस के प्रदेश महासचिव नोमान खां ने कहा सरकार ने साबित कर दिया के वह खुलकर किसान विरोधी है। इस अवसर पर सैयद फैसल हसन, एजाज हुसैन, ताबिश खा, दिव्यांश सिंघल, अंकुश अग्रवाल, मणि कपूर आदि मौजूद रहे।
स्वार में भी किसानों ने कृषि कानूनों के विरोध में काले झंडे थामकर विरोध प्रदर्शन किया। बुधवार को किसान नगर में स्वार-बाजपुर मार्ग पर एकत्र हुए और काले झंडे लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने सरकार से किसानों के लिए बनाए तीन कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की। इस दौरान सुच्चा सिंह नामधारी, जगजीत सिंह जोगी, हरविंदर सिंह, बाबा कैप्टन सिंह, सुरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
शाहबाद में भी क्षेत्र के तमाम किसानों ने काली पट्टी बांधकर और काले झंडे लहराकर प्रदर्शन किया क्षेत्र के ढकिया, नादरगंज, खंजीपुरा, घारमपुर, नरेंद्रपुर आदि गांवों में किसान विरोधी काले कानूनों को लेकर किसानों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने कहा कि दिल्ली-गाजीपुर बॉर्डर पर धरने पर बैठे हुए किसानों को छह महीने का समय हो गया है। प्रदर्शन कर रहे किसानों ने कहा कि केंद्र सरकार गूंगी और बहरी सरकार है, एवं किसानों की बात नहीं सुन रही है। इसीलिए गांव-गांव गली गली ब्लॉक स्तर पर ग्राम स्तर पर न्याय पंचायत स्तर पर काली पट्टी बांधकर एवं काले झंडे लगाकर किसानों ने बुधवार को काला दिवस मनाया। विरोध प्रदर्शन करने वालों में आकिल खान, सौदान सिंह सागर, हरपाल सिंह यादव, रामअवतार, नंदकिशोर सागर, मोहम्मद, शेर सिंह मौर्य, रामनाथ मौर्य, डॉक्टर राजकुमार शर्मा मौजूद रहे। जबकि क्षेत्र के धुरयाई गांव में किसान नेता दरियाव सिंह, प्रमोद यादव ने काले झंडे लहराकर सरकार सिरोधी नारे लगाए। उधर चकरपुर कदीम में रंजीत सिंह यादव ने पाने घर पर काले झंडे लगकर प्रदर्शन किया।