रामपुर। साठा धान लगाने की अनुमति देने की मांग को लेकर भाकियू (अंबावता) के कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर एडीएम को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने कहा कि फैक्टरियों में भूमिगत जल का अंधाधुंध दोहन किया जा रहा है, लेकिन उन पर कोई रोक नहीं जा रही है। किसान साठा धान की खेती करते हैं तो उस पर रोक लगाने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
भाकियू (अंबावता) के जिला संयोजक हारुन खान के नेतृत्व में किसान सोमवार को दोपहर एक बजे कलक्ट्रेट पहुंचे। किसानों ने कहा कि मटर और लाही की फसल काटने के बाद उनको साठा धान लगाने की अनुमति मिलनी चाहिए। क्योंकि किसान कर्ज के मकड़जाल में उलझा हुआ है, अगर उसे साठा धान लगाने की अनुमति नहीं मिली तो किसानों को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ेगा। अगर प्रशासन को साठा धान पर रोक लगाना ही था इसका एलान तीन माह महीने पहले किया जाना चाहिए। क्योंकि किसानों ने साठा धान की खेती करने के हिसाब से मटर और लाही की फसल लगाई थी। किसानों ने कहा कि जल संरक्षण की उनको भी चिंता है। शासन और प्रशासन पर उन फैक्टरियों पर शिकंजा कसना चाहिए जो प्रतिदिन लाखों लीटर भूमिगत जल का दोहन करती हैं। किसानों ने एलान किया 13 मार्च को किसान-मजदूरों की समस्या को लेकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर मच्छन खान, फरीद खान, शादाब खान, राम सिंह यादव, रफी अंसारी अशोक यादव, मुकेश श्रीवास्तव और महेंद्र सागर उपस्थित रहे।