उर्दू गेट गिराने के विरोध में नगर पालिका के सभासदों ने कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। इसके बाद नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव को संबोधित ज्ञापन सौंपा। उन्होंने गेट का निर्माण कराने की मांग की है।
उनका कहना था कि नगर पालिका की सीमा में स्वार-बाजपुर मार्ग पर 40.99 लाख रुपये की लागत से गेट का निर्माण कराया गया था। 2015-16 में बने इस गेट का निर्माण सीएंडडीएस (कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज) की यूनिट 30 की ओर से किया गया था। बाद में इस गेट को नगर पालिका को हस्तांरित कर दिया गया था। इस उर्दू गेट के रख रखाव का जिम्मा भी नगर पालिका का था, लेकिन इसके बाद भी जिला प्रशासन की ओर से गेट को ध्वस्त कर दिया गया।
उन्होंने कहा कि नियमों के अनुसार नगर पालिका की किसी भी संपत्ति को गिराने का अधिकार जिला प्रशासन को नहीं है। यही नहीं गेट को ध्वस्त करने से पूर्व कोई नोटिस भी जारी नहीं किया गया। बिना विधिक कार्यवाही के ही गेट को ध्वस्त कर दिया गया, जबकि सुप्रीम कोर्ट एवं हाईकोर्ट में निर्णित वादों में यह व्यवस्था की गई है कि निर्माण एवं अतिक्रमण हटाने से पूर्व नोटिस जारी किया जाना आवश्यक है। लेकिन, जिला प्रशासन ने नियमों को दरकिनार करते हुए गेट को ध्वस्त कर दिया।
उन्होंने गेट का निर्माण कराने एवं ध्वस्त करने वाले अधिकारियों के वेतन से गेट की लागत वसूलने की मांग की है। महफूज अहमद, हबीब अहमद, मोहम्मद फजल, नावेद अली, शुऐब अहमद, तनवीर खां, जुनैद खां, तबस्सुमस, अजहर हुसैन, शादाब अली आदि उपस्थित रहे।