जिलेभर के व्यापारी ई-वे बिल के विरोध में कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। इसके बाद वित्तमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा।सोमवार को उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के बैनर तले तमाम व्यापारी कलक्ट्रेट पर पहुंचे, जहां नारेबाजी कर प्रदर्शन करने लगे। कुछ देर प्रदर्शन के बाद व्यापारियों ने वित्तमंत्री को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट ओमप्रकाश को सौंपा। उनका कहना था कि एक अप्रैल से ई-वे बिल को अनिवार्य किया जा रहा है, जबकि यह व्यवस्था पूर्ण रूप से असफल साबित हुई है। इससे लघु एवं मध्यम स्तर का व्यापारी परेशान हो रहा है।
कंपोजिट स्कीम का चयन करने वाले छोटे व्यापारियों को जीएसटीआर-4 फार्म भरने में कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है। जीएसटी पोर्टल पर सभी तरह के फार्मों को भरने में दिक्कतें हो रही हैं। इसके साथ ही जीएसटी अधिकारी दुकानों पर बोर्ड लगाने के नाम पर व्यापारी समाज का शोषण व उत्पीड़न कर रहे हैं।
व्यापारियों ने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद से अफसरों और कर्मचारियों ने चेकिंग के नाम पर बाजारों में जाकर उद्योगों और दुकानदारों से वसूली शुरू कर दी है। इससे बाजार का माहौल खराब हो रहा है और व्यापारी समाज में भय व्याप्त हो रहा है। उन्होंने ई-वे बिल की अनिवार्यता को समाप्त करने, दुकानों पर बोर्ड लगाने की अनिवार्यता को समाप्त करने और फार्म भरने में आ रही कठिनाईयों को दूर करने की मांग की है।
प्रदर्शन करने वालों में राष्ट्रीय अध्यक्ष संदीप अग्रवाल सोनी, मोहम्मद शाहिद शमसी, वेदप्रकाश गोयल, शुऐब मोहम्मद खां, बिलाल शमसी, शाकेब अहमद, मोहन अरोरा, रविन्द्र सिंह टोनी, मंजीत सिंह सिंपल, सतपाल टीटू, हारिश शमसी इमरान सलीम आदि शामिल रहे।