तहसील क्षेत्र में सर्किल रेट बढ़ाए जाने को लेकर अधिवक्ताओं ने सब रजिस्ट्रार के खिलाफ प्रदर्शन कर कार्यालय पर हंगामा किया। जिलाधिकारी को संबंधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा जिसमें सर्किल रेटों को पूर्व रेट लिस्ट से भी कम कराए जाने की मांग की। वहीं अधिवक्ताओं की हड़ताल दसवें दिन भी जारी रही।
गुरुवार को सीनियर बार एवं बार वेलफेयर एसोसिएशन से जुड़े अधिवक्ताओं ने तहसील स्वार में सर्किल रेट बढ़ाए जाने को लेकर आक्रोश जताते हुए उप निबंधक कार्यालय पर सब रजिस्ट्रार के खिलाफ प्रदर्शन व नारेबाजी की।
बाद में जिलाधिकारी को संबंोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा। जिसमें सब रजिस्ट्रार पर भ्रष्टाचार में लिप्त रहने, सर्किट रेट सूची मनमाने तरीके से तैयार करने का आरोप लगाते हुए कहा कि क्षेत्रीय ग्रामों की भूमि घट रही लेकिन उपनिबंधक ने सभी गांवों की रेट सूची काफी बढ़ा दी है। नदियों से प्रभावित गांवों की रेत वाली भूमि की कीमत चार पांच लाख रुपये से हटाकर 12 से 14 लाख रुपये एकड़ कर दी गई है। प्रस्तावित रेट लिस्ट में 15 डैसीमल कम रकबे को दोगुनी सर्किल रेट में किया गया है। जिससे छोटे किसानों का उत्पीड़न हो रहा है। सर्किल रेट लिस्ट बढ़ाए जाने का विरोध करते हुए अधिवक्ता दसवें दिन भी न्यायिक कार्य से विरत रहे।
अधिवक्ताओं ने आठ दिन और हड़ताल को आठ अगस्त तक बढ़ाए जाने की घोषणा की। इस दौरान सीनियर बार अध्यक्ष गुरनाम सिंह संधू, बार वेलफेयर एसोसिएशन अध्यक्ष एम जहूर खां, राशिद अली गोस, महबूब अली, शेख नदीम अहमद, खुर्शीद अहमद, बृज किशोर दिवाकर, राशिद खां, अथर फईम, अमरपाल सिंह राणा, जावेद अख्तर, राशिद खां द्वितीय, एम जुनेद, रेहान सईद खां, गजेंद्र गोस्वामी, आसिफ अंसारी आदि मौजूद रहे।