रामपुर। नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी के विरोध में मुस्लिम समाज के लोगों ने पैदल मार्च निकाला। इसके साथ ही प्रशासन को राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा। इस दौरान पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में ले लिया, हालांकि बाद में उनको छोड़ दिया गया।
ज्ञापन में कहा गया कि जिस तरीके से एनआरसी लागू करने की योजना केंद्र सरकार बना रही है वह देश को आजादी दिलाने वाले स्वतंत्रता सेनानियों की मंशा तथा भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 व 15 के विरुद्ध है। सिर्फ मुस्लिम समुदाय को छोड़कर बाकी सभी धर्म व जातियों के लोगों को शरणार्थी श्रेणी में रखने की योजना शरणार्थी के श्रेणी में रखने की योजना प्रस्तावित है जो अन्यायपूर्ण व संविधान विरुद्ध है। आजाद भारत में कानून लिखने वाले डॉ. भीमराव आंबेडकर ने इस देश के हर नागरिक को आजादी से जीने का अधिकार दिया था।
ज्ञापन देने वालो में शैला खान, शहाब खान, जीशान खान, सईद नजमी मियां, मौलाना असलम जावेद कासमी, फ़रहत अहमद जमाली, फैसल लाला, मौलाना अय्यूब, मौलाना अतीक ख़ान, बाबर मियां, अरशद अली गुड्डू, सैय्यद अमीर मियां, वसीम खान, शानी खान, सैय्यद मोहम्मद जमा बाकरी, रेहान खान आदि शामिल रहे। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस तैनात रही। एसपी डॉ. अजयपाल भी मौके पर मौजूद रहे। पुलिस ने नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में प्रदर्शन करने वाले कई लोगों को हिरासत में भी ले लिया, हालांकि बाद में उनको छोड़ दिया गया। एसपी डॉ. अजयपाल ने बताया कि जिले में धारा 144 लागू लागू। लोगों को समझा बुझाकर शांत करा दिया गया है। उन्होंने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून को लेकर किसी को अफवाह फैलाने की इजाजत नहीं दी जाएगी।