नवाज शरीफ का पुतला फूंकने पर रिपोर्ट दर्ज किए जाने से क्षुब्ध हुए हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने शनिवार की दोपहर तहसील पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। झूठा मुकदमा 21 अक्तूबर तक वापस न लिए जाने पर तहसील में अनिश्चितकालीन धरना देने की चेतावनी दी। इस दौरान किसी अधिकारी के ज्ञापन लेने न आने पर पूर्व विधायक के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जाम लगाकर फिर नवाज शरीफ का पुतला फूंका। जमकर नारेबाजी की। इसके बाद कोतवाली के वरिष्ठ उप निरीक्षक को ज्ञापन सौंपा।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ का पुतला फूंके जाने के मामले में पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज करने और दो लोगों को जेल भेजे जाने से हिंदूवादी संगठनों और भाजपा में जबरदस्त आक्रोश है। शनिवार की दोपहर हिंदू जागरण मंच, भाजपा, विहिप के कार्यकर्ता ट्रैक्टर-ट्रालियों में भरकर तहसील पहुंचे। इस दौरान पूर्व विधायक काशीराम दिवाकर व हिंदू जागरण मंच के जिलाध्यक्ष प्रवीण कुमार शर्मा ने पुलिस द्वारा एकतरफा कार्रवाई कर हिंदुओं का उत्पीड़न करने का आरोप लगाया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर प्रशासन ने 21 अक्तूबर तक हिंदुओं पर लिखा गया झूठा मुकदमा निरस्त नहीं किया और जेल भेजे गए दो निर्दोषों को रिहा नहीं किया तो तहसील में अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान तहसील से किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के ज्ञापन लेने नहीं पहुंचने पर भड़के हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने पूर्व विधायक काशीराम दिवाकर के नेतृत्व में शाहबाद-आसफपुर मार्ग पर जाम लगा दिया। आक्रोशित लोगों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ का पुतला फूंका।
शाहबाद से बाहर बताए गए एसडीएम को किसी ने फोन कर अवगत कराया कि किसी भी अधिकारी कर्मचारी के ज्ञापन लेने न पहुंचने से क्षुब्ध हुए हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने जाम लगा दिया है। इस पर उपजिलाधिकारी बदरू प्रसाद के निर्देश पर शाहबाद कोतवाली के वरिष्ठ उपनिरीक्षक सतीश यादव मौके पर पहुंचे। जिसके बाद पूर्व विधायक व हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी के नाम संबोधित ज्ञापन उन्हें सौंपा और जाम खोल दिया। प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही के कारण करीब आधा घंटे तक जाम लगा रहा।
प्रदर्शन व पुतला फूंकने वालों में भाजपा के पूर्व विधायक काशीराम दिवाकर, हिंदू जागरण मंच के जिलाध्यक्ष प्रवीण कुमार शर्मा, सुरेश बाबू गुप्ता, राजकुमार गुप्ता, कमलवीर सक्सेना, मंजूलता शर्मा, वेदप्रकाश चंद्रवंशी, उमेश रस्तोगी, सोहन सिंह सरपंच, चौधरी प्रताप सिंह, सतेंद्र शर्मा, संजीव शर्मा, हरिओम शर्मा, धर्मपाल सिंह, राजवीर सिंह, संतराम, सत्यवीर सिंह, हरीराज, रमेश, विजयपाल, प्रमोद, प्रेमपाल मौजूद थे।