मोदी फैक्ट्री के खिलाफ किसान सड़क पर उतर आए। उन्होंने जुलूस निकालकर कलेक्ट्रेट गेट पर प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि फैक्ट्री प्रबंधतंत्र ने प्रत्येक किसान परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने का वादा किया था। उसे आज तक पूरा नहीं किया है। इससे पहले भाकियू कार्यालय पर पंचायत हुई।
कार्यकर्ता जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने गेट पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद ज्ञापन सौंपा। डीएम को संबोधित ज्ञापन में कहा कि मोदी फैक्ट्री को किसानों ने इस शर्त पर जमीन दी कि प्रत्येक परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाएगी। फैक्ट्री प्रबंधन ने अपना वादा पूरा नहीं किया।
फैक्ट्री ने पटवाई राजवाहा पर कब्जा कर लिया। नहर पटने से किसान फसलों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। ज्ञापन में किसानों को फैक्ट्री में नौकरी दिलाने, नहर से अवैध कब्जा हटवाकर उसकी खुदाई कराने की मांग की। ज्ञापन में कहा कि मोदी स्कूल के आसपास गांवों के बच्चों की पढ़ाई का खर्च कम कराया जाए।
मोदी फैक्ट्री की जो जमीन सीलिंग में आ गई है, उसे किसानों को आवंटित कराई जाए। किसानों के फैक्ट्री के एक अधिकारी पर अभद्र व्यवहार करने का भी आरोप लगाया। ज्ञापन देने वालों में मंडल उपाध्यक्ष हसीब अहमद, दुर्गनगला की प्रधान रिहाना, वीरेंद्र सिंह यादव, होरी लाल, मो. तालिब, अजीत सिंह, इस्माइल, नाकत, नाजिम. डा. फईम, फजले अहमद, इरशाद अली, फिदा हुसैन, असगर अली, शराफत, तेग बहादुर सिंह शामिल थे।