पैगंबर-ए-इस्लाम की शान में गुस्ताखी पर मुस्लिम समाज में आक्रोश चरम पर है। विरोध में सोमवार को शहर बंद रहा और मुस्लिम समाज के लोग सड़क पर उतर आए। जामा मस्जिद में हिंदू महासभा के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास किया गया।
इज्तमा में लोगों की भीड़ इतनी था कि जामा मस्जिद और आसपास सड़कों पर जगह कम पड़ गई। अधिकारियों ने ज्ञापन लिया। राष्ट्रपति से कमलेश तिवारी को सख्त सजा देने की मांग की गई। पैगंबर-ए-इस्लाम की शान में गुस्ताखी पर मुस्लिम समाज का पारा चढ़ा हुआ है।
सोमवार को हिंदू महासभा के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी के खिलाफ बाजार बंद कर मुस्लिम समाज के लोग सड़कों पर निकल आए। जामा मस्जिद में मुनक्किद इज्तमा में हजारों की संख्या में लोग भीड़ पहुंचे। मस्जिद और आसपास सड़कों पर भी जगह पड़ गई।
लोग जामा मस्जिद और दुकानों की छतों पर चढ़ गए। इज्तमा का आगाज कुरान की तिलावत से किया गया। गुस्साए लोगों ने कमलेश तिवारी के खिलाफ नारेबाजी की। शहर काजी सैयद खुशनूद मियां, शहर इमाम मुफ्ती महबूब अली, मौलवी रेहान खां, मौलवी फैजान खां, मौलवी नासिर खां, शिया मौलाना जमान बाकरी, डा. शायर उल्लाह खां ने पैगंबर-ए- इस्लाम की शान में गुस्ताखी करने वाले के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
शहर काजी ने कहा कि इस्लाम अमन का पैगाम देता है। जलसे में हाथ उठाकर निंदा प्रस्ताव पास किया गया। नगर मजिस्ट्रेट और अपर पुलिस अधीक्षक ज्ञापन लेने जामा मस्जिद पहुंचे। अधिकारियों को राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया। इस मौके पर फरहत अहमद जमाली, शाहिद खां जमाली, असलम जावेद कासमी, कारी आरिफ जमाली, हुमायूं खां सहित अन्य कई लोग मौजूद रहे।