राज्य कर्मियों की दो दिन की हड़ताल मंगलवार को शुरू हो गई। कर्मचारियों ने दफ्तरों में कामकाज ठप कर दिया। विकास भवन के गेट पर कर्मचारियों ने ताले ठोंक दिए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कर्मचारियों की सांकेतिक हड़ताल बुधवार को भी जारी रहेगी।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रांतीय आह्वान पर विभिन्न मांगों को लेकर कर्मियों का आंदोलन शुरू हो चुका है। सोमवार को कर्मियों ने बाइक रैली निकाली थी। मंगलवार से दो दिन की सांकेतिक कलम बंद हड़ताल शुरू कर दी। कर्मचारियों ने हड़ताल के तहत दफ्तरों में कामकाज ठप कर दिया। हालांकि कुछ विभागों के कर्मचारी दफ्तर में रहे।
परिषद के जिलाध्यक्ष नरेंद्र पाल सिंह के नेतृत्व में कई अलग-अलग टीमों ने दफ्तरों में पहुंचकर नारेबाजी की और कामकाज ठप करा दिया। कर्मचारियों ने इस दौरान विकास भवन के गेट पर पहुंचकर ताला ठोंक दिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
जिला अस्पताल, नहर खंड, रजिस्ट्री, कोषागार, कृषि विभाग एआरटीओ, बीएसए व जिला विद्यालय निरीक्षक में भी कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुआ। इस दौरान कर्मचारियों ने एक जुट होकर आंदोलन को सफल बनाने का आह्वान किया। विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने इसमें समर्थन भी किया। कर्मचारी बुधवार को भी हड़ताल पर रहेंगे।
इस दौरान वे कलेक्ट्रेट तक जुलूस निकालेंगे और ज्ञापन भी सौंपेगे। इस मौके पर वरिष्ठ उपाध्यक्ष पवन सक्सेना, हरीश धौनी, परवेज अहमद, अजहर अली, विश्वबंधु, अनूप शमा, प्रकाश गौतम, साजिद हुसैन, मुकेश गुप्ता, सलीम अहमद, शकील अहमद, कुंवर पाल सिंह, अजय कुमार, सुरेश गोस्वामी, सुनील कुमार, ढाकन लाल, जय किशन, पंकज चौहान, रूमा रहे।