व्हील्स इंडिया लिमिटेड में ठेकेदार के अधीन कार्य करने वाले मजदूर से किए गए वादे को पूरा नहीं करने पर भड़के श्रमिकों ने गुरुवार को ग्रामीणों के साथ फैक्ट्री गेट पर धरना दिया। सुबह की शिफ्ट में काम करने वाले किसी भी मजदूर या कर्मचारी को अंदर नहीं जाने दिया। गेट पर खड़ी गाड़ियों के टायर की हवा निकाल दी गई। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से लिखित आश्वासन देने पर मजदूर और ग्रामीण गेट से हटे।
टांडा के लक्ष्मीनगर निवासी विजय सिंह का हाथ 18 जनवरी को फैक्ट्री में काम करते वक्त कट गया था। दो माह से वो अपना इलाज करा रहा है। बुधवार को जब वो काम पर आया तो उसे गेट से ही लौटा दिया गया। विजय ने गांव के लोगों और श्रमिकों को जानकारी दी। गुरुवार सुबह लक्ष्मीनगर गांव के लोग और श्रमकि ट्रैक्टर-ट्राली से व्हील इंडिया के गेट पर पहुंचे। गेट पर ही धरने पर बैठ गए।
खौद-टांडा मार्ग पर जाम लगा दिया। गेट पर खड़े वाहनों के टायर से हवा भी निकाल दी। जानकारी के बाद एसडीएम टांडा, तहसीलदार और थानाध्यक्ष मौके पर पहुंचे। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझाया। प्रशासन के हस्तक्षेप से प्रबंधन और मजदूरों के बीच समझौता हुई। वार्ता में कंपनी के मुख्य प्रबंधक, एसडीएम टांडा, तहसीलदार टांडा, पीड़ित मजदूर विजय सिंह, उसकी पत्नी सुनीता देवी भाई किरन पाल, अमर पाल और पूर्व प्रधान साबिर अली मौजूद थे। प्रबंधन ने पीड़ित मजदूर को स्थायी नौकरी देने और कृत्रिम हाथ लगवाए जाने का लिखित आश्वासन दिया। लगभग पांच घंटे तक अफरा तफरी की स्थिति बनी रही है।