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कोर्ट के आदेश पर निजी नर्सिंग होम के डॉक्टर दंपति के खिलाफ जांच शुरु

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रामपुर। गर्भवती और उसके बच्चे की मौत के मामले में निजी अस्पताल के चिकित्सक दंपती समेत तीन डॉक्टर फंस गए हैं। उनके खिलाफ अदालत ने जांच के आदेश दिए हैं।
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सिविल लाइंस कोतवाली क्षेत्र की अशोक विहार कालोनी निवासी चेतपाल सिंह ने सीजेएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था, जिसमें कहा है कि उनकी गर्भवती बहू का इलाज जौहर मार्ग स्थित एक नर्सिंग होम में चल रहा था। नर्सिंग होम के संचालक चिकित्सक दंपती ने आठ सितंबर को प्रसव के लिए अस्पताल बुलाया। ऑपरेशन के लिए बहू को ले गए, जहां बेहोशी का इंजेक्शन देने के लिए एक अन्य चिकित्सक को बुलाया। आरोप है कि वहां इलाज में लापरवाही से बहू की तबीयत खराब हो गई। करीब एक घंटे बाद हमें यह जानकारी देते हुए उसे मुरादाबाद के लिए रेफर कर दिया। स्वजन गर्भवती को मुरादाबाद के एक प्राइवेट अस्पताल ले गए, जहां बच्चे और महिला दोनों की मौत हो गई। नर्सिंग होम में इलाज में लापरवाही की वजह से उनकी पुत्रवधु की मौत हुई। उन्होंने प्रार्थना पत्र में अदालत से तीनों चिकित्सकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की थी। अधिवक्ता रमेश लोधी ने बताया कि कोर्ट ने इस मामले में संज्ञान ले लिया है। सीएमओ को पैनल बनाकर जांच करने के आदेश दिए हैं। जांच रिपोर्ट दो नवंबर तक अदालत में दाखिल करने को कहा है।
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