बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों का नाम आने पर जेहन में इनकी बदहाली की तस्वीर सामने आती है। लेकिन चमरौवा ब्लाक के मंडैया उदयराज प्राइमरी स्कूल की तस्वीर बदली हुई है। प्रधानाध्यापिका की मेहनत और लगन के बाद यहां पर सब कुछ बदला बदला सा नजर आ रहा है। यहां के बच्चे नमस्ते नहीं बल्कि अब गुड मार्निंग बोलते हैं। हाय हैलो... के बाद फर्राटेदार अंग्रेजी में बात करते हैं। इसका श्रेय यहां की प्रधानाध्यापिका राना तलत और उनके सहयोगी स्टाफ को।
प्राथमिक शिक्षा किसी भी बच्चे की शिक्षा और विकास की नींव होती है। यदि नींव मजबूत होगी तो बच्चे का विकास भी उसी तरह का होगा। कुछ इसी मंशा के साथ परिषदीय स्कूलों में अब बदलाव की बयार शुरू हो गई है। सीबीएसई स्कूलों की तर्ज पर अंग्रेजी में पढ़ाई कराने के लिहाज से माडल स्कूलों का चयन किया गया था। जिसमें चमरौवा विकास खंड क्षेत्र के मंडैया उदयराज का प्राइमरी विद्यालय भी है। इस स्कूल की प्रधानाध्यापिका और शिक्षिकाओं की मेहनत ने इस स्कूल का चेहरा बदल ही दिया है। यहां पर 181 बच्चे हैं। यह स्कूल अब आदर्श स्कूल की श्रेणी में आ गया है।
प्रधानाध्यापिका राना तलत बताती हैं कि वर्ष 2015 में जब उन्होंने यह स्कूल ज्वाइन किया तो इसकी हालत काफी खराब थी। तीन कमरों में ही स्कूल संचालित हो रहा था। यहां के बंद पड़े कमरों की मरम्मत कराई। इसके बाद दफ्तर तो बनाया ही। साथ ही कक्षाओं को भी अलग किया गया। साइंस लैब, लाइब्रेरी भी बनवाई। यहां पर अंग्रेजी पाठ्यक्रम लागू किया गया और फिर उसी हिसाब से पढ़ाई शुरू कराई गई।
जिसका असर यह हुआ कि बच्चे अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों की ही तरह अंग्रेजी में बात करते हैं और पढ़ाई-लिखाई भी। एमएससी बीएड करने के बाद विशिष्ट बीटीसी के जरिए वर्ष 2005 में शिक्षिका बनीं तलत राना के इस स्कूल को विद्यालय पुरस्कार योजना के तहत चयनित किया गया और प्रदेश के चुनिंदा स्कूलों में इस स्कूल ने अपना नाम दर्ज कराया।
अब उन्हें शिक्षक दिवस पर सम्मानित किया जाएगा।इस स्कूल को लेकर पूर्व जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह से लेकर कई अफसर इस स्कूल की तारीफ कर चुके हैं।