10 बेड और चार शिफ्ट होने के बावजूद नहीं मिल रहा समय पर उपचार, निजी अस्पतालों का सहारा लेने को मजबूर मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर। जिला अस्पताल में डायलिसिस सुविधा मरीजों की बढ़ती संख्या के आगे कम पड़ने लगी है। हालात यह हैं कि डायलिसिस के लिए मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है और इस समय करीब 20 मरीज वेटिंग में हैं। समय पर डायलिसिस न मिल पाने से मरीजों की परेशानी लगातार बढ़ रही है।
जिला अस्पताल में 10 बेड का डायलिसिस वार्ड संचालित है, जहां चार शिफ्टों में डायलिसिस की व्यवस्था की गई है। इसके बावजूद जरूरतमंद मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण बेड की कमी साफ तौर पर दिखाई दे रही है और वर्तमान व्यवस्था भी नाकाफी साबित हो रही है।
इस डायलिसिस वार्ड में उपचार के लिए पहुंच रहे कई मरीजों को निर्धारित समय पर डायलिसिस नहीं मिल पा रही है, जिससे उन्हें वेटिंग में रहना पड़ता है। मजबूरी में कुछ मरीजों को निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है, जहां इलाज महंगा होने से आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है। नियमित डायलिसिस मरीजों के जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक है, लेकिन वेटिंग बढ़ने से उनके स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा बना रहता है।
गुर्दे ठीक से काम न करने की स्थिति में डायलिसिस वह प्रक्रिया है, जो रक्त से अतिरिक्त तरल व अपशिष्ट पदार्थ बाहर निकालती है और मरीजों को राहत देती है। लेकिन बढ़ती वेटिंग सूची इस सुविधा की सीमाओं को उजागर कर रही है।
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जिले में डायलिसिस की सुविधा के लिए मरीजों की संख्या बढ़ रही है। जिस कारण मरीजों को इंतजार करना पड़ रहा है। शासन से डायलिसिस वार्ड में बेड बढ़ाने की मांग की गई है। -डॉ. बीसी सक्सेना, सीएमएस