रामपुर। गांवों में पंचायत चुनाव की सरगर्मियां दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही हैं। दावेदारों में भी गजब का सेवाभाव देखने को मिला रहा है। सुबह-शाम प्रधानी के दावेदार ग्रामीणों को रास्ते में रोककर नमस्कार और सलाम करते हुए उनकी परेशानी पूछ रहे हैं। साथ ही बीमार होने पर दावेदार ग्रामीणों को अस्पताल ले जाकर दवा दिलवा रहे हैं। कोई घर में राशन-पानी की व्यवस्था करा रहा है तो कोई रिश्तेदारी में जाने लिए वाहन भेज रहा है।
गांवों में जो लोग अभी तक किसी से बात नहीं करते थे और लोगों से की मदद नहीं करते थे। अब प्रधान बनने का सपना देख रहे हैं। अब वह लोग गांव के हर वर्ग के लोगों का हालचाल ले रहे हैं। गांवों में कई बार देखने को मिल रहा है कि आर्थिक रूप से कमजोर मतदाताओं के घर में कोई बीमार पड़ जाता है, तो उसे अस्पताल पहुंचाने और इलाज कराने के लिए संभावित प्रत्याशी उनके घर पहुंच रहे। आर्थिक रूप से कमजोर मतदाता के परिवार के किसी सदस्य की मौत हो जाती है, तब भी प्रत्याशी पूरा खर्च करने के लिए तैयार हैं। दावेदार छोटे-बड़ों से संपर्क साधने के साथ ही उनका समर्थन पाने के लिए हर कोशिश कर रहे हैं। अपनी मजबूती को बढ़ाने के लिए आर्थिक मदद को भी पीछे नहीं हट रहे हैं।
पंचायत चुनाव को लेकर गांवो में देर रात चौपालें लगने लगी हैं, जिसमें गांव के लोगों व गांव के विकास पर चर्चा की जा रही है। बेहतर विकास और बिना भेदभाव के योजना का पात्र को लाभ देने के वादे-दावे शुरू हो गए हैं। गांव में जगह-जगह लोगों को एकत्र कर समर्थन मांगा जा रहा है। वहीं लोगों का कहना है कि चुनाव में गांव की प्रगति को ध्यान में रखकर ही मतदान का प्रयोग करेंगे।