थैंक्यू वोटर! बाधाएं लांघकर लोग घरों से निकले और फिर ईवीएम के बटन इस तरह दबाने शुरू किए कि 2012 का रिकार्ड (60.15 प्रतिशत) टूट गया। रामपुर जिले में इस दफा 64.55 फीसदी वोटरों ने अपने वोट की चोट से लोगों ने अपनी चुप्पी को तोड़ा। पिछले विधान सभा चुनाव के मुकाबले चार फीसदी वोट ज्यादा इस बार पड़े हैं।
मतदाता जागरुकता अभियान के तहत शुरू की गई मुहिम आखिरकार रंग ले आई। मंगलवार की सुबह मतदान के इस महापर्व पर आहुति देने के लिए घरों से निकलने शुरू हो गए। शहर के बजाए ग्रामीण इलाकों के वोटरों में जबर्दस्त उत्साह दिखा। गांव से लेकर शहर तक के पोलिंग बूथों पर वोटरों की कतार लगनी शुरू हो गई। ग्रामीण इलाकों के बूथों पर तो मतदान शुरू होने से पहले ही लोग कतार लगाकर खड़े हुए थे। बिलासपुर क्षेत्र के कोठा जागीर, मिलक क्षेत्र के चंदुपुरा समेत कई इलाकों के बूथों पर भीड़ दिखी। वोटरों में इसको लेकर खासा उत्साह दिखा।
शहर में हालांकि वोटिंग की रफ्तार दोपहर तक काफी धीमी दिखी,लेकिन दोपहर के बाद यहां वोटिंग ने रफ्तार पकड़ी और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा कुल मिलाकर यहां जोरदार तरीके से वोटिंग होती रही। शाम पांच बजे के बाद भी स्वार, बिलासपुर और मिलक क्षेत्र के बूथों पर काफी लंबी कतार देखी गई। यहां जो वोटर अंदर आ गए थे उनका वोट डलवाया गया। इस तरह जिले भर में कुल 64.55 फीसदी वोटिंग हुई। 2012 के विधानसभा चुनाव में कुल 60.15 फीसदी ही वोटिंग हुई थी। चार फीसदी से ज्यादा वोटिंग इस दफा ज्यादा हुई है। यह अपने आप में अच्छी खबर बताई जा रही है।