रामपुर। जगद्गुरु महामंडलेश्वर डॉ. सच्चिदानंद महाराज को कथित धमकी के मामले में रामपुर पुलिस की जांच तेज हो गई है। बृहस्पतिवार को विवेचक उपनिरीक्षक अभिनव देशवाल ने महामंडलेश्वर के बयान दर्ज किए। इसके बाद पुलिस टीम उन्हें उस स्थान पर भी लेकर पहुंची, जहां धमकी की घटना के समय वह मौजूद थे।
पुलिस ने धमकी के लिए इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर और व्हाट्सएप पर भेजे गए दो ऑडियो संदेशों को जांच के दायरे में लिया है। कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी पड़ताल की जा रही है।
महामंडलेश्वर नौ सितंबर को श्रीकृष्ण छठी महोत्सव में शामिल होने रामपुर आए थे। इसी दौरान उनके मोबाइल पर धमकी भरी कॉल आई और बाद में व्हाट्सएप पर दो ऑडियो संदेश भेजे गए। घटना के बाद उनकी सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। मामले में कार्रवाई को लेकर महामंडलेश्वर ने धरना दिया था। इसके करीब नौ दिन बाद 17 सितंबर को सिविल लाइंस थाने में मामला दर्ज किया गया।
महामंडलेश्वर डॉ. सच्चिदानंद महाराज का कहना है कि धमकी जिस नंबर से मिली, वह पाकिस्तान का बताया जा रहा है। हालांकि, नंबर की वास्तविक स्थिति और धमकी के स्रोत की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस नंबर से जुड़े तकनीकी तथ्यों और संचार रिकॉर्ड की पड़ताल में जुटी है।
सीओ सिटी अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि मामला दर्ज होने के बाद विवेचना जारी है। पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है और महामंडलेश्वर के बयान भी दर्ज किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि तकनीकी और अन्य साक्ष्यों की जांच के बाद ही धमकी देने वाले व्यक्ति की पहचान तथा घटना के वास्तविक स्रोत के बारे में स्थिति स्पष्ट होगी।