मिलक। पुलिस ने सपा के पूर्व ब्लाक प्रमुख प्रमोद गंगवार के दो घरों पर छापा मारा, लेकिन कोई हाथ नहीं लगा। जिस पर पुलिस वापस लौट आई। पुलिस बाहरी संदिग्ध लोगों के होने के शक में छापा मारने गई थी। वहीं पूर्व ब्लाक प्रमुख का आरोप था कि पुलिस राजनीतिक उत्पीड़न कर रही है।
नगर में बीती देर रात पुलिस ने सपा के पूर्व ब्लाक प्रमुख प्रमोद गंगवार की तलाश में पुलिस ने उनके दो घरों पर छापा मारा। सबसे पहले पुलिस हाईवे पर स्थित उनके नगर के आवास पर पहुंचे। जहां पर पुलिस ने दरवाजा खुलवाने की कोशिश की। पूर्व ब्लाक प्रमुख के घर पर मौजूद न होने पर परिवार वालों ने गेट नहीं खोला। जिस पर पुलिस लौट गई। इसके बाद उनके पैतृक गांव धनेली उत्तरी के आवास पर भारी पुलिस फोर्स पहुंची। रात में गाड़ियों के आने पर ग्रामीणों में खलबली मच गई। पुलिस ने यहां भी उनके आवास पर छापा मारा, लेकिन यहां भी उनको कोई नहीं मिला। दोनों ठिकानों पर छापा मारकर पुलिस लौट गई।
सपा के पूर्व ब्लाक प्रमुख बोले - राजनीतिक उत्पीड़न कर रही है पुलिस
सपा के पूर्व ब्लाक प्रमुख प्रमोद गंगवार का कहना है कि सरकारें आती और जाती रहती हैं, लेकिन राजनीतिक उत्पीड़न नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह बीती रात बाहर थे। पुलिस ने उनके दोनों घरों पर रात में दबिश दी। पुलिस की रात में कार्रवाई राजनीतिक उत्पीड़न है।
सीओ बोले, मैं नहीं गया था, पुलिस जांच को गई थी
सीओ श्रीकांत प्रजापति का कहना था कि सपा के पूर्व ब्लाक प्रमुख प्रमोद गंगवार के आवास पर पुलिस गई थी। मैं पुलिस के साथ नहीं गया था। पुलिस ने उनको बताया था कि सूचना पर दबिश दी गई थी।
प्रभारी निरीक्षक बोले - बाहरी संदिग्ध लोगों के होने की मिली थी सूचना
प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार त्यागी का कहना है कि उनके साथ कुछ सिपाही गए थे। पूर्व ब्लाक प्रमुख के यहां पर कुछ बाहरी संदिग्ध लोगों के होने की सूचना थी। जिसके आधार पर पुलिस गई थी, लेकिन ताला लटका होने के कारण पुलिस लौट आई।
उत्पीड़न के विरोध में आई कुर्मी महासभा
कुर्मी महासभा के प्रदेशाध्यक्ष गजेंद्र गंगवार ने सपा के पूर्व ब्लाक प्रमुख प्रमोद गंगवार के आवास पर छापा मारने के खिलाफ सीएम को पत्र भेजा। भेजे गए पत्र में कहा है कि पुलिस सपा के पूर्व ब्लाक प्रमुख प्रमोद गंगवार का उत्पीड़न कर रही है। बीती रात उनके आवास पर जिला पंचायत अध्यक्ष के पद के चुनाव को लेकर छापा मारा गया। पत्र में कुर्मी समाज के लोगों के उत्पीड़न का विरोध जताया है।