रामपुर। एनआरसी और सीएए के विरोध में रामपुर में 21 दिसंबर 2019 को हुए बवाल के मामले में पुुलिस ने चार उलेमा को बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस जारी किया। नोटिस जारी पर उलेमा ने नाराजगी जाहिर की है और इस मामले को लेकर गुरुवार को जिलाधिकारी से मुलाकात करने की बात कही है।
एनआरसी और सीएए कानून के विरोध में 21 दिसंबर 2019 को जिले की सभी ईदगाहों में जलसे का आयोजन किया गया था। हालांकि प्रशासन ने जलसे पर रोक लगा दी थी। बाद में जलसे के आयोजकों ने इसे स्थगित करने का एलान कर दिया था। इसके बाद भी बड़ी संख्या में लोग घर से बाहर निकल आए थे। ईदगाह गेट से लेकर हाथीखाना चौराहे तक लोग सड़कों पर थे। हालांकि पुलिस ने जगह-जगह बेरिकेडिंग लगा रखी थी। इसके बाद उग्र भीड़ ने हाथीखाना चौराहे के पास पुलिस के वाहनों में आग लगा दी थी, कई बाइकों को आग के हवाले कर दिया था। जमकर पत्थरबाजी भी हुई थी। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले चलाए थे। बवाल में एक युवक की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हो गए थे। उलेमा ने भी मौके पर पहुंचकर लोगों से शांति की अपील की थी। पुलिस ने इस मामले में गंज और कोतवाली थाने में अलग-अलग तीन रिपोर्ट दर्ज की थी। जिसमें 150 लोगों को नामजद किया गया था और हजारों अज्ञात को शामिल किया गया था। इस प्रकरण में लगभग 150 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इस बवाल को लेकर दर्ज मुकदमों की विवेचना क्राईम ब्रांच कर रही है। क्राइम ब्रांच की ओर से चार उलेमा को नोटिस जारी कर बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया है। एसपी शगुन गौतम ने बताया कि यह एक रूटीन प्रक्रिया है। क्राइम ब्रांच मुकदमे की जांच कर रही है। इस प्रकरण में उलेमा के बयान भी लिए जाने हैं। इसलिए उनको बयान दर्ज करने के लिए बुलाया गया है। उलेमा को नोटिस जारी होने के बाद बुधवार को बैठककर यह फैसला लिया गया कि गुरुवार को वो इस मामले में वो गुरुवार को जिलाधिकारी से मुलाकात करेंगे।