रामपुर। कृषि में खाद का बढ़ता उपयोग मिलावटखोरों के लिए मुनाफे का सौदा हो गया है। मंडलभर में सितंबर तक कीटनाशक के 11 नमूने फेल हुए हैं। अभी कई सैंपल की रिपोर्ट आना बाकी है। विभाग ने अभी तक आठ विक्रेताओं के खिलाफ वाद दायर किया है।
कृषि विभाग ने नौ महीने में मंडलभर से कीटनाशक के 226 सैंपल लिए थे। जो रिपोर्ट विभाग को प्राप्त हुई है, उसमें 11 नमूने फेल पाए गए हैं। किसानों मो. इरफान, दिनेश प्रताप, मो. अरशी का कहना है कि मिलावटखोर अब कीटनाशक तक को नहीं छोड़ रहे हैं। बड़े ब्रांड की महंगी दवा में भी मिलावट है।
श्याम सिंह का कहना है कि उसने सितंबर में खुद कीटनाशक में मिलावट की शिकायत की थी। इसके बाद विभाग ने सैंपल भरा। अभी तक उन्हें नहीं पता कि उस सैंपल की रिपोर्ट क्या आई है। उप कृषि निदेशक रामकिशन ने बताया कि लगातार कार्रवाई की जा रही है। जिले में चार सैंपल फेल हुए थे। इन पर कार्रवाई की गई है।
कार्रवाई में रामपुर आगे
कीटनाशक अधोमानक पाए जाने के मामले में कार्रवाई करने पर रामपुर जिला मंडल में पहले स्थान पर है। जिले में चार कीटनाशक के सैंपल फेल पाए गए। विभाग की ओर से चारों मामलों में कार्रवाई की गई। बिजनौर ने भी दो मामलों में वाद दायर किया। उधर, अमरोहा ने जीरो, मुरादाबाद ने एक और संभल ने एक मामले में ही कार्रवाई की है।
मंडल में 7432 कीटनाशक बिक्री केंद्र
मंडल में 7432 कीटनाशक बिक्री केंद्र हैं। इसमें सबसे अधिक 1674 बिक्री केंद्र रामपुर जिले में दूसरे नंबर में मुरादाबाद और तीसरे नंबर में अमरोहा है। पूरे मंडल से 226 नमूने एकत्र किए गए।
ये है स्थिति -
बिक्री केंद्र नमूने भरे अधोमानक मिले
अमरोहा 1203 41 एक
बिजनौर 1547 60 दो
मुरादाबाद 1629 45 दो
रामपुर 1674 32 चार
संभल 1379 48 दो