राज्य सूचना आयुक्त हाफिज उस्मान तीन दिन तक शहर में रहे। इस दौरान उन्होंने मंडल भर के सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत लंबित प्रकरणों की जांच और सुनवाई की। जिसमें नजीबाबाद के डीएफओ से लेकर वन रेंजर तक के खिलाफ निलंबन और विभागीय कार्रवाई के साथ ही करोड़ों रुपये की रिकवरी के आदेश दिए।
साथ ही सुनवाई के दौरान 29 अधिकारियों पर अर्थदंड डाला तो 34 को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया। राज्य सूचना आयुक्त ने शुक्रवार को विकास भवन सभागार में प्रेसवार्ता की। उन्होंने बताया कि नजीबाबाद वन रेंज में सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत अवैैध खनन कर विभाग को करीब सवा दो करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति की बात सामने आई। इस पर दो वन दरोगा कोमल सिंह, हृदेश सिंह और एक क्षेत्रीय वन अधिकारी वीके गोयल को निलंबित कर दिया गया है।
साथ ही प्रभागीय वन अधिकारी प्रवीण कुमार राघव और सेवानिवृत्त हरेंद्र सिंह से रिकवरी के आदेश दिए गए हैं। प्रवीण कुमार राघव जम्मू-कश्मीर कैडर के अधिकारी हैं, लिहाजा वहां की सरकार को भी कार्रवाई के लिए पत्र भेजा गया है।
इसके साथ ही संभल, मुरादाबाद, चंदौसी, अमरोहा, रामपुर, बिजनौर के विभिन्न विभागों के 29 अधिकारियों पर अर्थदंड डाला गया, 34 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया जबकि, 34 वाद निस्तारित कर दिए गए। उन्होंने बताया कि सूचना आयोग में रामपुर जिले के ही करीब आठ सौ वाद लंबित हैं।