जैन समाज की ओर से पर्यूषण महोत्सव के तहत रविवार को आदिनाथ मंदिर में उत्तम आर्जव धर्म की जानकारी दी गई। पर्यूषण महोत्सव के तीसरे दिन आदिनाथ भगवान की पूजा की गई। मथुरा चौरासी से आए शशांक शास्त्री ने प्रवचन किए। शाम को आरती का आयोजन किया गया। प्रवचनों में आर्जव धर्म की महत्ता पर प्रकाश डाला।
इस मौके पर विनोद विहारी, देशराज जैन, पंकज, अंकित, राहुल, धर्मेंद्र सेठी, अनुराग, पंकज, पूनम, शोभना, शशि, विनीता सेठी, सुधा जैन, डा.जीके जैन, राकेश सेठी आदि मौजूद रहे। वहीं, बिलासपुर के मोहल्ला साहूकारा स्थित दिगंबर जैन मंदिर में रविवार को पयूर्षण महोत्सव के तीसरे दिन उत्तम आर्जव धर्म की जानकारी दी गई।
कलश अभिषेक नरेश कुमार जैन तथा चारों दिशाओं से आकर्ष जैन, प्रासुक जैन, अशीष जैन, अखिलेश जैन ने किया। अशोक कुमार, सचिन जैन ने शांति धारा की। मंगल आरती का सौभाग्य मंजू जैन और स्फूर्ति जैन को मिला। पूनम जैन और पूजा जैन ने संभवनाथ भगवान का पूजन किया।
शाम की वेला में शिखा जैन, सरिता जैन, बबिता जैन ने भजन प्रस्तुत किए। पंडित सौरभ जैन शास्त्री ने कहा कि मन को सरल करना एवं निर्मलता धारण करते हुए जीवन जीना उत्तम आर्जव धर्म कहलाता है। भजन प्रतियोगिता सब जूनियर वर्ग में आग्रिम प्रथम, अवनि द्वितीय और पीहू तृतीय रहीं।
जूनियर वर्ग में सक्षम प्रथम, चिराग द्वितीय, महक ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। कार्यक्रम में सुमेर चंद्र जैन, अक्षत जैन, वीरेंद्र जैन, अमित जैन, पारस जैन, नितिन जैन, सीमा जैन, संतोष जैन, निशा जैन, शालू जैन, प्रज्ञा जैन, सृष्टि, लता, अंजना जैन आदि ने भाग लिया।