रामपुर। ऑनलाइन हाजिरी के विरोध में सोमवार को जिलेभर में ग्राम पंचायत सचिवों ने काली पट्टी बांधकर विरोध-प्रदर्शन किया। साथ ही पंचायत राज विभाग के निदेशक को ज्ञापन भेजा। चेतावनी दी कि सरकार आदेश वापस नहीं लेगी तो आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
पनवड़िया और मिलक ब्लॉक परिसर में सोमवार को ग्राम विकास अधिकारी एसोसिएशन के बैनर तले ग्राम पंचायत सचिव और ग्राम विकास अधिकारी एकत्र हुए और काली पट्टी बांधकर ऑनलाइन हाजिरी के विरोध में प्रदर्शन किया। उन्होंने पंचायती राज निदेशक को ज्ञापन भेजकर कहा कि ग्राम विकास अधिकारी का मुख्यालय का स्थायित्व निर्धारित नहीं होता है।
उनका कार्य पंचायत स्तर पर विभिन्न विकास योजनाओं के क्रियान्वयन, निरीक्षण, जनसंपर्क, सर्वेक्षण एवं पंचायत स्तरीय विभिन्न विभागों के द्वारा किए जा रहे कार्यों के समन्यव से जुड़ा है। इसलिए उनका कार्यक्षेत्र फील्ड पर आधारित है। बताया कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में लगभग 29 से अधिक विभागों का कार्य ग्राम पंचायत सचिव द्वारा वर्तमान में मांग आधारित न होकर पूर्ण रूप से लक्ष्य आधारित हो गया है।
ऑनलाइन हाजिरी प्रणाली दोहराव पूर्ण कार्य निष्ठा पर संदेह प्रकट करने वाली और विश्वास पर आधारित प्रक्रिया प्रतीत होती है, जिससे सचिवों के मनोबल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा, वहीं क्षेत्रीय भौगोलिक काम से भी ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली लागू हो पाना भी संभव नहीं है।
अवकाश के दिनों में भी राष्ट्रीय पर्वों, धार्मिक,जनहित के कार्यों, दैवीय आपदाओं में शासन प्रशासन के आकस्मिक निरीक्षण,चौपाल और रात्रि के कार्यक्रमों में असमय जूम मीटिंग के माध्यम से जुड़ने की बाध्यता होती है। ग्राम सचिवों ने ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली को तत्काल स्थगित करने की मांग की है। इस दौरान धर्मेंद्र कुमार, मुकेश कुमार, प्रवेश कुमार, परमानंद,धनवती,एवं ब्लॉक स्तर के समस्त ग्राम सचिव और ग्राम विकास अधिकारी मौजूद रहे।