जौहर यूनिवर्सिटी के गेट पर जमा विद्यार्थी
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सांसद आजम खां के जौहर ट्रस्ट को दी जा रही पंद्रह लाख रुपये की आर्थिक सहायता अब नहीं दी जाएगी। बल्कि, यह मदद पहले की तरह डालमियां अस्पताल को दी जाएगी। शनिवार को होने वाली नगर पालिका बोर्ड की बैठक में यह प्रस्ताव रखा जाएगा, जिसकी मंजूरी मिलने के बाद नई व्यवस्था लागू होगी।
जिले में वर्षों से डालमिया नेत्र चिकित्सालय चल रहा है। अस्पताल की ओर से हर साल गरीबों की आंखों के नि:शुल्क ऑपरेशन के लिए कैंप भी लगाए जाते हैं। साथ ही लोगों को राजकीय चिकित्सालय की तरह सस्ती सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही थीं।
अस्पताल के इस कार्य को लेकर वर्ष 1964 में नगर पालिका परिषद रामपुर की ओर से अस्पताल की आर्थिक मदद करने का निर्णय लिया गया था। पालिका ने शुरुआत में अस्पताल को प्रतिवर्ष ढाई हजार रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई। साल दर साल इस धनराशि में इजाफा होता रहा और 2012 तक यह आर्थिक मदद एक लाख रुपये प्रतिमाह तक पहुंच गई थी।
लेकिन, सूबे में सपा सरकार बनने के बाद नगर पालिका बोर्ड अस्पताल को मिलने वाली इस मदद को रोक दिया था। तब नगर पालिका बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव आया था कि मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट पिछले काफी समय से गरीब बच्चों की मदद करता चला आ रहा है।
लिहाजा, पालिका अपने स्तर से होनहार बच्चों की पढ़ाई के लिए आर्थिक सहायता 15 लाख रुपये प्रति वर्ष मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट को दे। डालमिया अस्पताल को पालिका की ओर से दी जा रही आर्थिक सहायता बंद कर दी जाए। बोर्ड ने तब प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी थी लेकिन, सूबे में भाजपा सरकार आने के बाद जौहर ट्रस्ट को मिलने वाली मदद रोक दी ।
अब यह मदद डालमिया अस्पताल को दी जाएगी। सालाना एक लाख रुपये की मदद दी जाएगी, जिसका प्रस्ताव शनिवार को नगर पालिका बोर्ड की बैठक में रखा जाएगा, जिसे मंजूरी मिलते ही नई व्यवस्था लागू हो जाएगी।