रामपुर। जिला अस्पताल में बना पहला लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट कुछ समय संचालन के बाद बंद हो गया है। प्लांट में डलने वाला लिक्विड खत्म हो चुका है। एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी लिक्विड रीफिलिंग के लिए स्वास्थ्य विभाग को बजट नहीं मिल सका है।
जिला अस्पताल में कुछ समय पहले पीएम केयर फंड से दो ऑक्सीजन प्लांट लगवाए गए थे। इन ऑक्सीजन प्लांटों से ऑक्सीजन की सीधे आपूर्ति होती है। इन प्लांटों से बनी ऑक्सीजन को स्टोर नहीं किया जा सकता है। इसी कारण दो प्लांट होने के बाद भी जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिए ऑक्सीजन सिलिंडर बाहर से मंगाने पड़ते थे।
ऐसे में अस्पताल प्रशासन ने लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट लगवाया है। दो माह पहले इस प्लांट में गैस की वजह से रुकावट आ रही थी। गैस डलने के बाद इसका संचालन शुरू किया गया था। अब एक माह बाद ही ऑक्सीजन प्लांट फिर बंद हो गया है। अधिकारियों ने बताया कि इसमें लिक्विड डाला जाता है जो पाइप लाइन के जरिये मरीजों तक ऑक्सीजन पहुंचाता है। इस समय प्लांट से लिक्विड खत्म हो चुका है। इसके लिए शासन को पत्र लिखा जा चुका है। इसके लिए मिलने वाला पांच लाख रुपये का बजट अब तक नहीं मिल सका है। जिस वजह से प्लांट में लिक्विड रिफिल नहीं हो पा रहा है।
ऑक्सीजन प्लांट में लिक्विड खत्म हो चुका है। इसके लिए शासन से बजट मांगा गया है। जल्द ही लिक्विड डलने के बाद प्लांट चालू हो जाएगा। -डॉ. एचके मित्रा, सीएमएस, रामपुर