रामपुर में बुधवार को मुर्तजा इंटर कालेज में यूपी बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन करते शिक्षक।
शिक्षा विभाग लाख कोशिश के बाद भी शिक्षकों की कमी को दूर नहीं कर पा रहा है। लिहाजा कई विषयों के शिक्षक न होने की वजह से उन्हें दूसरे विषयों की कापियां चेक करने की जिम्मेदारी सौंप दी गई है। हिंदी के शिक्षक संस्कृत की, जबकि कृषि विज्ञान की कापियां भी दूसरे विषयों के शिक्षकों से चेक कराई गई हैं। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटर की उत्तर पुस्तिकाओं की चेकिंग का काम इन दिनों राजकीय रजा और राजकीय मुर्तजा इंटर कालेज में कराया जा रहा है।
मूल्यांकन का काम शुरू हुए सप्ताह भर का समय बीत गया है, लेकिन शिक्षकों की कमी अभी भी बनी हुई है। पहले ही दिन से शिक्षकों की कमी ऐसी बनी हुई है,जिसके चलते दिक्कत महसूस हो रही है। दोनों ही कालेज में शिक्षकों की कमी मूल्यांकन पर टिकी हुई है। इसके चलते दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शिक्षकों की कमी को दूर करने केलिए दोनों कालेज के प्रधानाचार्यों ने कार्रवाई करने की संस्तुति की थी,लेकिन इसके बाद भी शिक्षकों की कमी को पूरी तरह से दूर नहीं किया जा सका है।
हालांकि मूल्यांकन 13 अप्रैल तक निपटाए जाने का टारगेट दिया गया है। इंटर की 1.33 लाख कापियों में से अब तक 80 हजार कापियां चेक हो चुकी हैं। इसी तरह दसवीं में भी अब तक इतनी ही कापियां चेक हो चुकी हैं। दसवीं में संस्कृत की 14 हजार कापियां आई थीं,जिसमें सात हजार कापियां लगभग चेक हो चुकी हैं। हिंदी विषय के शिक्षकों को कापियों को चेक करने के लिए लगा दिया गया है।
इस संबंध में मुर्तजा कालेज के प्रधानाचार्य चंद्र शेखर यादव के मुताबिक मूल्यांकन में शिक्षकों की कमी बनी हुई है,लेकिन मूल्याकंन का कार्य प्रभावित नहीं हो रहा है। कुछ विषयों के शिक्षकों की वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। बुधवार को यहां 11 हजार तथा रजा कालेज में 12 हजार कापियां चेक की गई हैं।