लॉकडाउन के बाद शुरू हुई ओपीडी, छह सौ मरीजों ने लिया चिकित्सीय परामर्श
जिलेभर में सीएचसी एवं पीएचसी पर बड़ी संख्या में मरीज पहुंचे
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संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर। कोरोना संक्रमण की वजह से अप्रैल माह में सरकारी अस्पतालों में ओपीडी बंद कर दी गई थी, जिसे शुक्रवार से चालू कर दिया गया है। लॉकडाउन से बंद ओपीडी शुरू होते ही जहां जिला अस्पताल में सामान्य दिनों की तुलना में कम मरीज पहुंचे तो कुछ सीएचसी पर मरीजों की संख्या अधिक रही।
जिला अस्पताल में ही पहले दिन 320 मरीज पहुंचे, जिसमें से 69 मरीजों को वापस भेज दिया गया। स्वार में मरीजों की संख्या कम रही, लेकिन सभी को दवाई मिली। बिलासपुर क्षेत्र में भी काफी मरीज पहुंचे। 175 मरीजों ने अपना उपचार कराया। शाहबाद में 70 मरीजों ने डॉक्टर को दिखाया और दवा ली। इस दौरान बिलासपुर, मिलक, स्वार, शाहबाद सीएचसी और रामपुर जिला अस्पताल में छह सौ मरीज देखे गए। जिला अस्पताल में सामान्य दिनों की ओपीडी की तुलना में मरीजों की संख्या कम रही।
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स्वार में कम नजर आए मरीज
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स्वार। कोरोना वायरस के चलते बंद ओपीडी की सेवा शुरू हुई, तो मरीजों का अस्पताल पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। लोगों को जानकारी न होने के कारण पहले दिन सीएचसी पर काफी काफी कम मरीज आते दिखाई दिए। सुबह सीएचसी खुलते ही ओपीडी में चिकित्सक मौजूद रहे। दोपहर दो बजे तक 55 लोगों ने अपना पंजीकरण कराकर उपचार कराया और दवा ली। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. इंदुकान्त वर्मा ने बताया कि शासन के निर्देश पर कोविड 19 की जारी किबगै गाइड लाइन का पालन करते हुए ओपीडी को खोल दिया गया है।
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ओपीडी खुलते ही आए 70 मरीज
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शाहबाद। अस्पताल में ओपीडी सेवा शुरू होते ही बड़ी तादाद में मरीज पहुंचना शुरू हो गए। 80 मरीजों ने पंजीकरण कराकर चिकित्सीय परामर्श प्राप्त किया। यहां पहले दिन सभी डॉक्टर बैठे और ओपीडी में पहले की तरह ही मरीजों को देखा। उन्हें दवा दी गई।
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ओपीडी सेवाएं लेनी है, तो पहले होगी कोरोना संक्रमण की जांच
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मिलक। सीएचसी पर ओपीडी सेवाएं अव्यवस्थाओं के बीच चलती दिखी। इस दौरान कोरोना जांच कराई गई, जिसके बाद लोगों को दवा मिल सकी। नगर के सीएचसी पर बंद ओपीडी सेवाएं शुक्रवार को शुरू हो गई। सीएचसी पर पर्चा बनवाने की कतार में चंद लोग थे। यहां सोशल डिस्टेंसिंग का पालन होता नहीं दिखाई दिया। चिकित्सक भी काफी कम आए, लेकिन जो आए थे उन्होंने एक एक मरीजों को बुलाया और उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया। ओपीडी में 49 मरीज देखे गए। इससे पहले उनकी कोरोना जांच कराई गई, जिसके बाद उनका दवा के लिए पंजीकरण हो सका।
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बिलासपुर में 175 मरीजों ने कराया उपचार
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बिलासपुर। नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के साथ ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिलासपुर, केमरी, मानपुरओझा, बेगमाबाद, नबाबगंज में ओपीडी का कार्य सुबह करीब आठ बजे शुरु हो गया। ओपीडी के पहले दिन मरीजों की संख्या सुबह तो कम देखी गई, लेकिन बाद में लोगों को आपीडी शुरु होने की जानकारी मिली तो अस्पतालों में भीड़ बढ़ने लगी। सभी केंद्रों पर चिकित्सकों ने करीब 175 मरीजों का उपचार किया। सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. सतेंद्र सिंह व डॉ. दीपक कुमार ने बताया कि ओपीडी का आज पहला दिन था, इसलिए मरीजों की संख्या कम रही है। चिकित्सकों ने सभी मरीजों का उपचार किया है।
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-क्या बोले दवा लेने पहुंचे मरीज-
-ओपीडी बंद रहने से काफी परेशानी उठानी पड़ी है। उपचार के लिए प्राइवेट या फिर गांव में मौजूद अपंजीकृत चिकित्सकों का सहारा लेना पड़ा है। लेकिन, अब ओपीडी खुल गई तो सही हुआ। -जयपाल-फोटो
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हमारा इलाज सीएचसी के चिकित्सकों से चल रहा था। ओपीडी बंद होने से उपचार नहीं हो सका। आज ओपीडी खुली तो चिकित्सक को दिखाकर दवा ली गई। -सुरेश कुमार-फोटो।
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ओपीडी बंद होने से दवा लेने की दिक्कत रही। अब ढाई माह बाद दवा मिल सकी है। इससे पहले गांव में या शाहबाद में प्राइवेट डॉक्टर से दवा ले लेते थे। अब दवा मिलने से आराम हो जाएगा। -रजनी-फोटो
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कोरोना संक्रमण की वजह से अस्पताल बंद थे। दवा नहीं मिल रही थी। अब जब अस्पताल खुल गए, तो दवा भी मिलनी शुरू हो गई। इससे काफी सहूलियत मिलेगी। -रोहित-फोटो