रामपुर। शहर में वन स्टाॅप सेंटर की 60 लाख रुपये की लागत से बिल्डिंग बनकर तैयार हो चुकी है। बुधवार को डीएम-एसपी ने इस नवनिर्मित बिल्डिंग का उद्घाटन किया। जिला अस्पताल परिसर में बनी यह बिल्डिंग कल्याणी भवन के नाम से जानी जाएगी। कार्यक्रम के दौरान डीएम-एसपी ने रेस्क्यू वाहन को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
डीएम जोगिंदर सिंह ने बताया कि महिला उत्पीड़न के मामलों पर प्रभावी रोकथाम और त्वरित कार्रवाई के लिए वन स्टाॅप सेंटर का संचालन किया जा रहा है। सेंटर में आने वाली पीड़ित महिलाओं और उनके परिजनों की काउंसिलिंग कराने के लिए काउंसलर की तैनाती है, जो महिलाओं की समस्याओं और उत्पीड़न से जुड़े पहलुओं के आधार पर काउंसिलिंग की प्रक्रिया को प्रभावी बनाती है। गंभीर मामलों में विधिक सेवाएं भी इस वन स्टाॅप सेंटर के माध्यम से प्रदान कराई जाती हैं।
एसपी विद्या सागर मिश्र ने बताया कि वन स्टाॅप सेंटर में पीड़ित महिलाओं की सुविधा और सुरक्षा को लेकर भी खास प्रबंध किए गए हैं। पूरे वन स्टाॅप सेंटर को सीसीटीवी कैमरों से लैस किया गया है। साथ ही महिला पुलिसकर्मी भी नियमित रूप से ड्यूटी पर तैनात की गई हैं।
उन्होंने बताया कि नव निर्मित बिल्डिंग में महिलाओं की सुविधा के लिए पांच कमरे तैयार कराए गए हैं। साथ ही उन्हें रोजगार के लिए प्रशिक्षण देने के लिए भी प्रबंध कराए गए हैं।
एसपी ने बताया कि वन स्टाॅप सेंटर में पीड़ित महिलाओं के पांच दिन के लिए अल्पावास की सुविधा, चिकित्सकीय सेवा एवं पुलिस सहायता भी प्रदान कराने का प्रावधान है। इसका मुख्य उद्देश्य विभिन्न गंभीर अपराधों जैसे यौन शोषण से पीड़ित, पाॅक्सो पीड़ित, एसिड अटैक एवं पारिवारिक उत्पीड़न से ग्रसित महिलाओं को आश्रय देना और उनको हर प्रकार से सहायता प्रदान करना है।
उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान डीएम-एसपी ने रेस्क्यू वाहन को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर केंद्र प्रबंधक चांद बी, काउंसलर चारू चौधरी भी थीं।
वन स्टाॅप सेंटर में आ चुके 1502 मामले
जिला प्रोबेशन अधिकारी जीशान मलिक ने बताया कि वन स्टाॅप सेंटर में अब तक कुल 1502 मामलों में से 1498 प्रकरण का निस्तारण कराया जा चुका है। शेष मामलों के निस्तारण की कार्रवाई भी चल रही है।