ठियोग (रामपुर बुशहर)। एशिया की नंबर एक मंडियों में नाम दर्ज करवाने वाली पराला मंडी में 28 जून से सेब सीजन ने रफ्तार पकड़ ली है। अभी तक मंडी से बाहरी राज्यों के लिए सेब की 23,519 हजार और नाशपाती की 13,529 पेटियां बाहरी राज्यों के लिए भेजी जा चुकी है। सोमवार को पराला मंडी में सेब के दाम 500 से 1800 सौ रुपये तक मिले। जबकि नाशपती 400 रुपये से 1600 रुपये तक बिकी।
वर्तमान में कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों से सेब की फसल मंडियों में आ रही है। मंडी के प्रधान हरीश ठाकुर ने बागवानों से कच्ची फसल को मंडियों में न लाने की बात कही है। उन्होंने बताया कि पराला मंडी में बाहरी राज्यों के सेब के व्यापारी भारी संख्या में आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि मंडी में जल्द बैंक, पेयजल की सुविधा मुहैया करवाई जाएगी। इसके अलावा पिछले दो दिन पहले ही मंडी में सरकारी कैंटीन को भी खोल दिया गया है।
इसमें मंडी में आने वाले लोगों के लिए उचित दाम पर खाने की सुविधा मिलेगी। बागवान नरेश ठाकुर ने कहा कि बीते साल के मुकाबले सेब की पेटियां 15 से बीस रुपये महंगी हो गई हैं। इसके कारण बागवानों पर इसकी मार पड़ रही है। मंडी के प्रभारी आरसी शर्मा ने बताया कि मंडी में खुली बोली लग रही है। अगर रुमाल के नीचे बोली लगाते कोई आढ़ती पकड़ा जाता है, तो उस पर जुर्माना लगाया जाएगा।