विधायक डॉ. तजीन फात्मा
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दो साल दो माह और 23 दिन बाद सीतापुर जेल में बंद सपा विधायक आजम खां की रिहाई के रास्ते खुले हैं। इससे उनके समर्थकों व परिजनों में खुशी की लहर है। आजम खां की पत्नी डॉ. तजीन फात्मा ने कहा कि ये सच्चाई की जीत है। सुप्रीम कोर्ट ने हमें इंसाफ दिया है।
सपा विधायक आजम खां के खिलाफ जिले के अलग-अलग थानों में 88 मामले दर्ज किए गए थे। जिनमें से शत्रु संपत्ति के मामले को छोड़कर सभी मामलों में पहले ही आजम खां को जमानत मिल चुकी थी, इसके बाद शत्रु संपत्ति के मामले में भी पिछले सप्ताह हाईकोर्ट से सशर्त जमानत मिल गई लेकिन, इस बीच रामपुर पब्लिक स्कूल की एनओसी में फर्जीवाड़े के संबंध में दर्ज एक मामले में आजम खां का नाम शामिल किया गया जिसके बाद उनके खिलाफ दर्ज कुल मुकदमों की संख्या 89 हो गई।
इस पर आजम खां ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से रामपुर पब्लिक स्कूल संबंधी मामले में अंतरिम जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की। जिस पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बृहस्पतिवार को आजम खां को इस मामले में भी अंतरिम जमानत मंजूर कर दी। इसके बाद आजम खां को सभी मामलों में जमानत मिल चुकी है जिसके बाद अब वो कभी भी सीतापुर जेल से बाहर आ सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट से आजम खां को जमानत मिलने के बाद समर्थकों में खुशी की लहर है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद जब आजम खां की पत्नी एवं पूर्व विधायक डॉ. तजीन फात्मा ने कहा कि आखिर में सच की जीत जरूर होती है और सच्चाई की जीत हुई है। इस फैसले से सभी में खुशी का माहौल है। सुप्रीम कोर्ट ने हमें इंसाफ दिया है।
जौहर विवि को लेकर चल रहीं जांचों पर पूछे गए सवाल पर कहा कि इस पर जांच पूरी होने के बाद कहूंगी। वहीं सपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र गोयल ने कहा कि कानून की जीत हुई है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से जनता का कानून के प्रति भरोसा बड़ा है। इससे साबित हो गया है कि देश कानून से चलता है।
आजम खां के मीडिया प्रभारी फसाहत अली खां शानू ने भी कहा कि ये सर्वोच्च न्यायालय का सर्वोच्च निर्णय है, सर्वोच्च न्याय है, हम इसका स्वागत करते हैं।