रामपुर। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष सुषमा सिंह ने अपने निर्धारित दो दिवसीय कार्यक्रम के दूसरे दिन कलक्ट्रेट स्थित सभागार में घरेलू हिंसा, पारिवारिक विवाद सहित अन्य प्रकार के महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों की सुनवाई की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि महिलाओं का शोषण एवं उत्पीड़न किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे में अफसर इन मामलों को गंभीरता लें और निस्तारण कराएं।
सुनवाई के दौरान प्राप्त मामलों की गम्भीरता को समझते हुए पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारियों को निर्धारित प्रावधानों के अन्तर्गत काउन्सलिंग एवं अन्य विधिक तरीके से मामलों को निस्तारित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई के दौरान जो मामले कार्यवाही हेतु अधिकारियों को सौंप गए हैं, उनके सम्बन्ध में अधिकारी कृत कार्यवाही से आयोग को भी अवगत कराएंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों की गम्भीरता के सम्बन्ध में आयोग सख्त रवैया रखता है, इसलिए माह के पहले एवं तीसरे बुद्धवार को महिला उत्पीड़न के मामलों के लिए जनसुनवाई का आयोजन भी किया जाता है। समाज में महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करने के साथ ही उन पर होने वाले किसी भी प्रकार के उत्पीड़न पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए आयोग द्वारा ईमेल एवं व्हाट्सएप के माध्यम से भी शिकायतें प्राप्त करने का निर्णय लिया गया है। व्हाट्सएप नम्बर-6306511708 एवं आयोग की ईमेल आईडी पर कोई भी उत्पीड़न से परेशान महिला या बालिका अपना प्रार्थना पत्र एवं पहचान का प्रमाण भेज सकती है। आयोग स्तर से इसकी नियमित मानीटरिंग की जा रही है तथा प्राप्त होने वाले मामलों की गम्भीरता को ध्यान में रखते हुए स्थानीय पुलिस बल के माध्यम से काउन्सलिंग के माध्यम से आपसी सहमति अथवा नियमानुसार त्वरित विधिक कार्यवाही कराई जाती है। उन्होंने कहा कि प्राय: ऐसी शिकायतें संज्ञान में आती हैं, जिनमें महिलाएं उत्पीड़न का शिकार होने के बावजूद भी परिवार या समाज के डर से न्याय एवं आत्मसम्मान से वंचित रह जाती हैं। ऐसी महिलाओं की सुविधा एवं सुरक्षा के दृष्टिकोण से व्हाट्सएप एवं ईमेल की सुविधा आयोग द्वारा उपलब्ध कराई गई है। वृद्धाश्रम में रहने वाले दिव्यांग, वृद्ध एवं निराश्रित विधवा महिलाओं को सरकार की विभिन्न योजनाओं के अन्तर्गत पेंशन योजनाओं से लाभान्वित करने के भी निर्देश सम्बन्धित अधिकारियों को दिए गए हैं। इस दौरान मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुबोध कुमार शर्मा, जिला प्रोबेशन अधिकारी घनश्याम त्रिपाठी, जिला कार्यक्रम अधिकारी राजेश कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ऐश्वर्या लक्ष्मी सहित पुलिस प्रशासन के अधिकारीगण उपस्थित रहे।