भले ही सरकार ने नीली बत्ती का कल्चर खत्म कर दिया हो, लेकिन अफसरों का नीली बत्ती से मोहभंग होता नजर नहीं आ रहा है। रोक के बाद भी अफसर नीली बत्ती लगाकर घूम रहे हैं। यहां तक कि कानून के रखवाले पुलिस अफसर भी शासन के आदेश को हवा में उड़ा रहे हैं। वह भी नीली बत्ती लगाकर घूम रहे है। दिन भर उनकी नीली बत्ती लगी गाड़ी शहर की सड़कों पर घूम रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीआईपी कल्चर खत्म कर एवरी परसन इम्पोर्टेन्ट (ईपीआई) का नारा जरूर दिया है, लेकिन शायद यह अफसरों को पसंद नहीं आ रहा।
केंद्र सरकार ने वीआईपी कल्चर खत्म करने की घोषणा कर लालआ और नीली बत्ती गाड़ियों पर लगाने पर रोक लगाई है। केंद्र ने एक मई से यह आदेश लागू कर दिया है। वहीं यूपी सरकार ने लाल व नीली बत्ती को 25 अप्रैल से प्रतिबंधित कर चुकी है। यूपी सरकार के आदेश के बाद कई अफसरों की गाड़ियों से नीली बत्ती उतर गई थी। यहां तक कि अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री बलदेव औलख ने अपनी लाल बत्ती उतार दी थी, लेकिन अभी भी कई अफसर हैं जिनका नीली बत्ती से मोहभंग होता नजर नहीं आ रहा है।
एक मई से आदेश लागू देश भर में लागू हो चुका है,लेकिन कानून का पालन कराने वाले पुलिस अफसर भी सरकार के आदेशों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। सोमवार को कई पुलिस व प्रशासनिक अफसरों की गाड़ियों पर नीली बत्ती चमकती हुई नजर आई। यहां तक की एसपी की गाड़ी पर नीली बत्ती लगी हुई थी। नीली बत्ती लगाकर गाड़ी से वह अपने दफ्तर पहुंचे और फिर उनकी गाड़ी भी शहर भर में फर्राटा भरती रही। इसके अलावा एएसपी व सीओ स्तर के अफसरों के साथ ही आबकारी विभाग, स्वास्थ्य विभाग के अफसरो की गाड़ी पर नीली बत्ती लगी रही। कुल मिलाकर सरकारी आदेशों की धज्जियां साफ उड़ती हुई नजर आई।