रामपुर। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) व एनआरसी के विरोध में 21 दिसंबर 2019 को हुए बवाल के मामले में अभी भी 34 आरोपी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं। करीब डेढ़ साल से अधिक समय बीतने के बाद भी पुलिस सभी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। जबकि इस मामले में आरोपी बनाए गए एक व्यक्ति की इस दौरान मौत भी हो चुकी है।
रामपुर शहर में एनआरसी-सीएए के विरोध में 21 दिसंबर 2019 को प्रदर्शन हुआ था। इसी दौरान प्रदर्शनकारियों ने जमकर बवाल किया था। पुलिस की गाड़ियों में तोड़फोड़ से लेकर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया था। बवाल के दौरान एक युवक की मौत भी हो गई थी। जिसके बाद पुलिस ने बलवा करने के आरोप में गंज एवं कोतवाली थाने में पांच मुकदमे दर्ज किए थे। पुलिस ने 175 लोगों को नामजद करते हुए रिपोर्ट दर्ज की थीं, जबकि विवेचना के दौरान 206 लोगों के नाम और प्रकाश में आए थे। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर दबिशें दीं। इस दौरान गिरफ्तारी को लेकर भी विरोध हुआ था। पुलिस ने मामले में अब तक 268 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और 34 आरोपी अभी भी गिरफ्तार नहीं हुए हैं।