रामपुर। प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों की काबिलियत परखने के लिए समग्र प्रगति पत्र यानि होलिस्टिक प्रोग्रेस रिपोर्ट कार्ड तैयार होगा। इसमें पूरे सत्र की शैक्षणिक, शारीरिक व मानसिक विकास की गतिविधियों को शामिल किया जाएगा। जिससे बच्चों का मूल्यांकन हो सकेगा। इस कार्ड को बनाने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
बेसिक शिक्षा परिषद के कक्षा एक से आठ तक के विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों का अब प्राइवेट स्कूलों के तर्ज पर असेसमेंट किया जाएगा। विभाग ने इस शैक्षणिक सत्र से अपने बच्चों के पूरे रिपोर्ट कार्ड को नए तरीके से तैयार किया है। परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों का अब होलिस्टिक रिपोर्ट कार्ड दिया जाएगा। इसमें अंक की जगह अब स्टार मिलेंगे। वहीं, बड़ी कक्षा के छात्रों का तार्किकता, अभिरुचि और कौशल के आधार पर उनका मूल्यांकन होगा। मूल्यांकन टोटल लर्निंग आउटकम आधारित होगा। इस रिपोर्ट कार्ड में शिक्षक, छात्र के माता-पिता के साथ छात्र का भी आकलन किया जाएगा।
होलिस्टिक प्रोग्रेस रिपोर्ट कार्ड में साल में दो बार भरेंगे प्रोग्रेस रिपोर्ट
बीईओ मुख्यालय बबिता सिंह के अनुसार होलिस्टिक प्रोग्रेस रिपोर्ट कार्ड यानि समग्र प्रगति पत्र में पूरे सत्र का लेखा-जोखा होगा। इसमें विद्यालय की जानकारी के साथ छात्र की फोटो, माता-पिता की जानकारी, यूनिक आईडी और समस्त जानकारी दर्ज होगी। विज्ञान के एआरपी मनोज निमेष ने बताया कि सितंबर और फरवरी महीने में इसमें प्रोग्रेस अंकित होगी। प्रवेश होने पर छात्र की लंबाई और वजन का आकलन होगा। छात्रों के रिपोर्ट कार्ड में पूरे सत्र की शैक्षणिक, शारीरिक व मानसिक विकास की गतिविधियों को शामिल किया जाएगा। कक्षा एक व दो तक के छात्रों को रिपोर्ट कार्ड पर मार्क्स की जगह दिए जाएंगे।इसमें शारीरिक, सामाजिक-भावनात्मक, साक्षरता, अध्ययन और अन्य क्षेत्रों में उनकी उपलब्धियों की ग्रेडिंग की जाएगी। साथ ही विद्यार्थियों के परीक्षाओं और प्रोजेक्ट के अंक सहित अनुशासन, उपस्थिति नोटबुक तैयार करने सहित अन्य गतिविधियों के अंक दिए जाएंगे।
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होलिस्टिक प्रोग्रेस रिपोर्ट कार्ड से होगा यह फायदा
-यह कार्ड, छात्रों की प्रगति को अलग-अलग क्षेत्रों में ट्रैक करेगा।
-इसमें छात्र के शारीरिक, सामाजिक-भावनात्मक, संज्ञानात्मक, एकेडमिक, और रचनात्मक विकास की जानकारी होगी।
-इसमें छात्र के आत्म-मूल्यांकन के साथ-साथ, उसके साथियों और अभिभावकों से मिले फ़ीडबैक को भी शामिल किया जाएगा।
-यह कार्ड, छात्रों के मज़बूत आत्म-सम्मान और आत्म-जागरूकता को बढ़ाने में मदद करेगा।
-यह कार्ड, अभिभावकों को उनके बच्चों की प्रगति के बारे में पूरी जानकारी देगा।
यह कार्ड छात्रों के कौशल को निखारने में मदद करेगा।
-कक्षा 1 से ही यह कार्ड शुरू हो जाएगा और कक्षा छह से छात्र स्वयं ये बताएगा कि उसे क्या बनना है।
-इस आधार पर छात्र को उस दिशा में तैयार करने में मदद मिलेगी।
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होलिस्टिक प्रोग्रेस रिपोर्ट कार्ड में कक्षा एक व दो के स्टूडेंट्स संज्ञानात्मक पक्ष में स्वच्छता, स्वास्थ्य, सामाजिक एवं स्व जागरूकता, कलात्मक अभिरूचि एवं कौशल, अभिवृत्तियां एवं व्यवहार पर आकलन होगा। विषय आधारित आकलन में हिन्दी, गणित और अंग्रेजी में स्टार दिए जाएंगे। कक्षा तीन से आठ तक हिंदी, गणित, अंग्रेजी के साथ पर्यावरण अध्ययन, सामाजिक विषय एवं विज्ञान आधार पर भी आकलन होगा। -नीलम रानी टम्टा, बीएसए
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