रामपुर के जिला अस्पताल में बीएसएल टू लैब का फीता काटकर शुभारंभ करते सीएमओ डॉ.संजीव यादव। संवाद
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रामपुर। अब जिला अस्पताल में भी कोरोना संक्रमण की पुष्टि के लिए सबसे सटीक और विश्वसनीय मानी जाने वाली आरटीपीसीआर जांच हो सकेगी। जिससे आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट के लिए किसी भी व्यक्ति को तीन से सातों दिन तक इंतजार नहीं करना होगा बल्कि 24 घंटे में ही आशंकित की जांच रिपोर्ट प्राप्त हो जाएगी।
कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की आशंका के बीच जिले में इसको लेकर तेजी से कार्य किए जा रहे हैं। जिले में ऑक्सीजन से लेकर बेड तक की किल्लत न हो इसके लिए इंतजाम किए गए हैं। जिला अस्पताल और बिलासपुर सीएचसी में दो ऑक्सीजन प्लांट स्थापित हो चुके हैं तो वहीं महिला अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट लगाया जा रहा है। इसके साथ ही बच्चों के उपचार के लिए पीडियाट्रिक इंटेसिव केयर यूनिट यानि पीकू वार्ड बनाए गए हैं।
उपचार के संसाधनों की मजबूती के साथ ही अब जांच की सुविधा और सेवा को भी अधिक बेहतर बनाया जा रहा है। इसके लिए रविवार से रामपुर में बीएसएल-टू लैब के उद्घाटन के साथ ही आरटीपीसीआर जांच की सुविधा भी शुरू हो गई है। इसके संचालन के लिए दो नॉन मेडिकल साइंटिस्ट, तीन लैब टेक्नीशियन और एक डाटा एंट्री ऑपरेटर की तैनाती भी की गई है। लैब का शुभारंभ सीएमओ डॉ. संजीव कुमार यादव ने किया। इस मौके पर सीएमएस डॉ. एचके मित्रा, मलेरिया अधिकारी पंकज द्विवेदी, पैथोलोजिस्ट डॉ. शमीम अहमद, शिवानी सक्सेना, मुकेश यादव और आनंद कुमार मौजूद रहे।
यह होंगे फायदे
आरटीपीसीआर जांच सुविधा होने से सैंपल जांच के लिए लखनऊ नहीं भेजने पड़ेंगे, रामपुर में ही जांच हो सकेगी। अभी तक लखनऊ सैंपल भेजने पर रिपोर्ट दो से तीन में आती थी। जबकि अधिक सैंपल दबाव होने पर रिपोर्ट आने में सप्ताह भर तक का समय लग जाता था लेकिन, अब 24 घंटे के बाद अगले दिन रिपोर्ट मिल जाएगी।
अब जिला अस्पताल में ही आरटीपीसीआर जांच की सुविधा हो गई है। जिससे जांच रिपोर्ट 24 घंटे में ही मिल जाया करेगी। शुरुआत में कोरोना पॉजिटिव आने वाले मरीजों की क्रॉस जांच मेरठ मेडिकल कॉलेज से भी कराई जाएगी और दोनों जगह एक समान रिपोर्ट होने पर यह प्रक्रिया बंद कर दी जाएगी। रविवार को किसी भी मरीज की आरटीपीसीआर जांच के लिए सैंपल नहीं लिया गया। -डॉ. एचके मित्रा, सीएमएस-जिला अस्पताल