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Rampur News: अब टांडा में 24 दुकानदारों को दुकान खाली करने का नोटिस

Sat, 10 May 2025 02:13 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
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टांडा। नगर पालिका टांडा ने रामपुर मार्ग पर स्थित राजकीय इंटर कॉलेज के सामने बनी 24 दुकानों को खाली कराने के लिए नोटिस जारी किया है। इनमें 23 पक्की और एक अस्थायी दुकान शामिल है। तीन मई को जारी किए गए नोटिस में व्यापारियों को 15 दिन के भीतर दुकान खाली करने का अल्टीमेटम दिया गया है। नोटिस मिलते ही स्थानीय व्यापारियों में हड़कंप मच गया है। प्रभावित दुकानदारों ने अपनी रोजी-रोटी छिनने की आशंका जताते हुए डीएम से वैकल्पिक स्थान देने की गुहार लगाई है।
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नगर पालिका के अभिलेखों के अनुसार, वर्ष 1986 में प्रभारी ईओ नरेंद्र कुमार जोशी ने राजकीय इंटर कॉलेज की भूमि पर दुकानों के निर्माण के लिए टेंडर जारी किया था। रामपुर निवासी ठेकेदार रियासत अली ने इन दुकानों का निर्माण कराया था। इसके बाद नगर पालिका ने स्थानीय व्यापारियों को ये दुकानें आवंटित की थीं। तभी से व्यापारी इन दुकानों में नियमित किराया जमा करते हुए व्यवसाय कर रहे हैं।
दुकानदारों ने पालिका के नोटिस का विरोध करते हुए कहा है कि यदि उन्हें इस स्थान से हटाया गया, तो उनके सामने जीविका का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। व्यापारियों की मांग है कि उन्हें बेदखल करने से पहले रामपुर की तरह किसी वैकल्पिक स्थान पर पुनः स्थापित किया जाए।
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किराया बढ़ाने को तैयार व्यापारी
दुकानदारों ने यह भी कहा है कि वे किराया बढ़ाने के लिए तैयार हैं। उनका सुझाव है कि इन दुकानों का किराया नगर पालिका को देने के बजाय जीआईसी को दिया जाए, ताकि विद्यालय के लिए निजी आय का एक स्थायी स्रोत विकसित हो सके।

जीआईसी की जमीन पर बनी हैं दुकानें
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी (ईओ) द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि संबंधित व्यापारियों ने जीआईसी के मुख्य द्वार के पास नगर पालिका की स्वामित्व वाली दुकानें किराये पर ली हैं। चार अप्रैल 2025 को जीआईसी के प्रधानाचार्य ने जिला विद्यालय निरीक्षक को पत्र भेजकर विद्यालय की भूमि पर बनी दुकानों को हटाने की कार्रवाई का अनुरोध किया था।
तहसील टांडा की जांच में यह पुष्टि हुई है कि दुकानें वास्तव में विद्यालय की जमीन पर बनी हैं। इसलिए इन दुकानों को हटाया जाना आवश्यक है। नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि यदि 15 दिन के भीतर दुकानें खाली नहीं की गईं, तो नगर पालिका स्वयं इन्हें हटाएगी और किसी प्रकार के नुकसान के लिए व्यापारी स्वयं जिम्मेदार होंगे।
बोले दुकानदार....
हमारे परिवार के पास 37 साल से यह दुकान है और हर महीने किराया जमा करते आए हैं। अचानक नोटिस देकर बाहर निकालना नाइंसाफी है। पहले हमें नई जगह दें, फिर दुकान खाली कराएं। -मोहम्मद उबैद, दुकानदार

हमारा पूरा परिवार इसी दुकान पर निर्भर है। अगर दुकान गई, तो बच्चों की पढ़ाई और घर का खर्च सब रुक जाएगा। हम चाहते हैं कि प्रशासन हमारे कारोबार को न उजाड़े। -शरीफ अहमद, दुकानदार


हम कोई कब्जेदार नहीं हैं। नगर पालिका से वैध रूप से दुकानें ली थीं और तब से नियमित किराया भी दे रहे हैं। किराया बढ़ाना हो तो हम तैयार हैं, पर दुकानें न छीनी जाएं। -मोहम्मद जैद, दुकानदार


यह कार्रवाई डीएम के आदेश पर शुरू की जा रही है। सभी 24 दुकानदारों को 15 दिनों के भीतर दुकानें खाली करने का नोटिस दिया गया है। निर्धारित समय में दुकानें खाली न किए जाने की स्थिति में नगर पालिका को मजबूरी में कार्रवाई करनी पड़ेगी। -पुनीत कुमार, ईओ

अगर जीआईसी को दुकानों वाली भूमि मिल जाती है, तो हम बाउंड्री बनाकर उसे घेर लेंगे। इससे स्कूल में प्रार्थना सभा के लिए जगह बढ़ जाएगी, अभी स्कूल में प्रार्थना सभा के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। -अरविंद कुमार भास्कर, प्रधानाचार्य, जीआईसी
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