प्रारंभिक कृषि सहकारी समितियों (पैक्स समितियों) पर 500 और 1000 के पुराने नोटों से खाद-बीज नहीं मिल रहा है। जिसको लेकर किसान परेशान हैं। धरना-प्रदर्शन के बाद जब उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो बुधवार को भारतीय किसान यूनियन सड़क पर उतर आई। किसानों ने हाईवे पर जुलूस निकाल कर प्रदर्शन किया। साथ ही रेलवे स्टेशन पर हरिद्वार-इलाहाबाद एक्सप्रेस को रोक दिया। गुस्साए किसान ट्रेन के इंजन पर चढ़ गए। यह देखकर जीआरपी के हाथ पांव फूल गए। बाद में किसानों ने वित्तमंत्री को ज्ञापन भेजा।
पैक्स समितियों पर 500 और 1000 के पुराने नोटों से खाद और बीज नहीं दिया जा रहा है। इसके विरोध में भाकियू कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए। किसान बुधवार को सिविल लाइंस स्थित भाकियू कार्यालय पर एकत्र हुए। इसके बाद मंडल उपाध्यक्ष हसीब अहमद के नेतृत्व में किसान जुलूस की शक्ल में केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रेलवे स्टेशन पहुंचे।
किसानों ने यहां केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। कुछ ही देर में करीब 12.10 बजे हरिद्वार-इलाहबाद एक्सप्रेस स्टेशन पर आकर रुक गई। किसानों ने ट्रेन के इंजन को घेर लिया। चूंकि ट्रेन का दो मिनट का स्टाप था। इसलिए जैसे ही ट्रेन ने चलने के लिए हार्न दिया, किसान डंडे लेकर ट्रेन के सामने खड़े होकर नारेबाजी करने लगे। कोई पटरी पर लेट गया तो कोई इंजन पर चढ़ गया। यह देखकर जीआरपी के हाथ-पांव फूल गए।
इस दौरान नगर क्षेत्राधिकारी दिनेश शुक्ला भी पहुंच गए। उन्होंने किसी तरह किसानों को समझा-बुझाकर शांत किया। करीब 15 मिनट बाद ट्रेन को जाने दिया। साथ ही किसानों ने नगर क्षेत्राधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह यादव, होरी लाल, हाजी नत्थू, जमील अहमद, नल सिंह यादव, मोहम्मद तालिब, एहतेसाम, चौधरी अजीत सिंह, वीरपाल सिंह, नीटू चौहान, जावेद खां, छोटे लाल, इरफान, ओमप्रकाश, उस्मान अली पाशा, फुरकान, तालिब अल्वी, गजराम सिंह, हरपाल सिंह, इंद्रेश यादव, प्रमोद कुमार आदि शामिल थे।