महीने की पहली तारीख पर वेतनभोगियों के मोबाइल पर सैलरी के मैसेज तो जरूर आए, लेकिन बैंक और एटीएम से उन्हें निराशा ही मिली। दिनभर बैंक ओर एटीएम में लाइन लगाने के बाद भी ज्यादातर खाताधारकों को निराश होकर घर लौटना पड़ा। अभी तमाम विभागों की सैलरी आनी भी है। अकेले रामपुर में ही दस हजार राज्य कर्मचारियों को करीब 50 करोड़ की सैलरी का भुगतान किया जाना है।
नोटबंदी के दौर के बाद पहली दफा गुरुवार को सेलरी डे था, लेकिन यह ज्यादातर वेतनभोगियों को निराश होना पड़ा। वेतनभोगियों के मोबाइल पर सैलरी के मैसेज दिनभर गूंजते रहे। वे कैश के लिए बैंकों की शाखाओं और उनके एटीएम पर सुबह से ही कतारों में भी लग गए। लेकिन, भारतीय स्टेट बैंक, बैंक आफ बड़ौदा, कैनरा बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई, यूनियन बैंक, प्रथमा बैंक समेत अन्य बैकों में कैश खत्म होने की जानकारी दी गई। इससे उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा।
एटीएम भी कुछ ही देर चलकर रह गए। रामपुर की बात की जाए तो जिले में करीब दस हजार राज्य कर्मचारी व उससे संबंधित विभागों के कर्मचारी हैं,जिनकी सेलरी के लिए करीब 50 करोड़ रुपये से ज्यादा का कैश बैंकों को चाहिए।