शाहबाद। पुल से नीचे रामगंगा नदी में छलांग लगाने के बाद लापता हुई 22 वर्षीय निशा प्रमोशन को लेकर तनाव में थी। यह दावा उसके फूफा जाकिर हुसैन ने किया है। शुक्रवार को घटना के करीब 36 घंटे बाद भी निशा का कोई सुराग नहीं लग सका। एसडीआरएफ की टीम ने तेज बहाव के बीच नदी में उसकी तलाश जारी रखी, लेकिन सफलता नहीं मिली।
रामगंगा पुल से छलांग लगाने वाली युवती निशा के फूफा जाकिर हुसैन ने बताया कि उनकी भतीजी पिछले चार साल से एक निजी कंपनी में काम कर रही थी। आरोप है कि इसी बीच कंपनी की सीनियर अधिकारी की बहन करीब सात माह पहले उसी कंपनी में नौकरी पर आई थी। जाकिर हुसैन का आरोप है कि चार साल से काम कर रही निशा का प्रमोशन नहीं किया गया, जबकि सीनियर अधिकारी ने अपनी बहन को महज सात माह की नौकरी में ही प्रमोशन दे दिया। इसी बात को लेकर निशा तनाव में चल रही थी।
परिजनों के मुताबिक, जिस युवती को प्रमोशन मिलने की बात कही जा रही है, वह भी घटना वाले दिन निशा के साथ शाहबाद आई थी। इसके बाद निशा ने रामगंगा पुल से नदी में छलांग लगा दी थी। हालांकि, इन आरोपों की पुलिस स्तर से अभी पुष्टि नहीं हुई है।
घटना के बाद से एसडीआरएफ की टीम लगातार नदी में निशा की तलाश कर रही है। शुक्रवार को भी टीम ने नदी के आसपास काफी दूर तक तलाश अभियान चलाया, लेकिन सफलता नहीं मिली। सीओ देवकीनंदन ने बताया कि एसडीआरएफ की टीम युवती की तलाश कर रही है। मामले में सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है।