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दुष्कर्म और धोखाधड़ी के आरोपी को कोर्ट से नहीं मिली राहत, जमानत प्रार्थना पत्र खारिज

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रामपुर। दुष्कर्म के आरोप में जेल में बंद आरोपी को कोर्ट से राहत नहीं मिली है। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने आरोपी के अधिवक्ता के माध्यम से दाखिल किए गए जमानत प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया है।
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सिविल लाइंस थाना क्षेत्र निवासी एक महिला ने पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया था कि ज्वालानगर क्षेत्र निवासी रवि सक्सेना उर्फ रवि किशन सक्सेना का उसके घर आना जाना था। आरोप है कि 20 सितंबर 2017 को रवि सक्सेना ने उसे अपने घर बुलाया था। जहां पर आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया और नग्न अवस्था में फोटो खींचने के साथ ही वीडियो बना ली थी। आरोपी ने बाद में इन फोटो व वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने और परिजनों को देने की धमकी देते हुए रुपये की मांग करने लगा। इस दौरान महिला ने बदनामी से बचने के लिए उसे करीब नौ लाख रुपये दे दिए। परेशान होने के बाद महिला ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। बाद में पुलिस ने महिला की तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। इसके बाद पुलिस ने आरोपी पर बीस हजार रुपये का ईनाम घोषित किया था। जिस पर आरोपी ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। जेल में बंद रवि सक्सेना उर्फ रवि किशन सक्सेना ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से प्रभारी जिला जज की कोर्ट में जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल किया। बुधवार को कोर्ट में आरोपी की जमानत पर सुनवाई हुई। अभियोजन की ओर से जमानत का विरोध किया गया। जबकि, बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने रंजिशन झूठा फंसाने का तर्क दिया। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद प्रभारी जिला जज नीलू मोघा ने आरोपी रवि सक्सेना उर्फ रवि किशन सक्सेना का जमानत प्रार्थना खारिज कर दिया है।
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