रामपुर। शहर के बाजारों को ट्रैफिक से निजात नहीं मिल पा रही है। डीएम और नगर मजिस्ट्रेट के आदेशों के बाद भी पालिका की ओर से शिथिलता बरती जा रही है। आलम यह है कि पार्किंग का स्थल तो चिह्नित हो गया है, लेकिन वहां पार्किंग का कोई इंतजाम नहीं हो सका है। ऐसे में सोमवार को भी बाजारों में वाहनों के आने जाने का सिलसिला जारी रहा। इससे बाजार में जाम लगा, जिससे लोगों को तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ा।
शहर के सभी बाजारों का बुरा हाल है। पार्किंग का इंतजाम न होने की वजह से दुकानदारों और लोगों के वाहन उल्टे सीधे खड़े होते रहते हैं। लिहाजा, शनिवार को जिलाधिकारी आंजनेय कुमार सिंह के आदेश के बाद नगर मजिस्ट्रेट रामजी मिश्रा ने सर्राफा बाजार, बर्तन बाजार, मिस्टन गंज चौराहा से सुल्तान मार्केट, बाजार नसरुल्लाह खान, तथा चौकी चौक से टीपू सुल्तान मार्केट सहित थाना कोतवाली और थाना गंज के भीड़ वाले बाजारों को अग्रिम आदेशों तक वाहन मुक्त क्षेत्र घोषित कर दिया। तब नगर मजिस्ट्रेट ने बताया था कि त्योहारों के दौरान मुख्य बाजारों में भारी संख्या में वाहनों के आवागमन के कारण आमजन को विभिन्न प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता है तथा अति आवश्यक वाहनों जैसे एंबुलेंस, अग्निशमन वाहन आदि के आवागमन में भी अवरोध उत्पन्न होता है। उन्होंने बताया था कि जिला मजिस्ट्रेट के निर्देशों के अनुसार नगर के थाना कोतवाली एवं थाना गंज के भीड़ वाले बाजारों को अग्रिम आदेशों तक वाहन मुक्त घोषित करते हुए दोपहर 12 बजे से रात आठ बजे तक इन क्षेत्रों में चार पहिया एवं तीन पहिया वाहनों का प्रवेश पूर्णत: प्रतिबंधित कर दिया गया है तथा वाहन नगर पालिका द्वारा निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़े करने होंगे।
सोमवार को दूसरे दिन भी बाजारों का बुरा हाल है। नगर पालिका के अफसरों ने उच्चाधिकारियों के निर्देशों पर ध्यान न देकर दफ्तर में ही बैठे रहे। शहर के तमाम बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में तीन पहिया एवं चार पहिया वाहन आते जाते दिखे, जबकि पार्किंग में किसी ने भी अपने वाहनों को खड़ा नहीं किया। इससे बर्तन बाजार, चाकू बाजार, मिस्टन गंज, सर्राफा बाजार, बाजार नसरूल्ला खां समेत शहर के अधिकांश बाजारों में जाम की स्थिति देखने को मिली। इस जाम की वजह से लोगों को चंद मिनटों की दूरी तय करने में भी काफी मशक्कत करनी पड़ी। लोगों को आवागमन में काफी परेशानियां हुईं।