स्वार। क्षेत्र के भगवंतनगर गांव के पास पीलाखार नदी में मगरमच्छ की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत बरकरार है। वन विभाग का कहना है कि ग्रामीण इससे छेड़छाड़ करने से बचें अन्यथा वह हमला कर सकता है। मगरमच्छ को पकड़ने के लिए विशेष प्रकार का जाल कानपुर से मंगाया जाएगा।
उत्तराखंड सीमा पर बसे कोतवाली क्षेत्र के भगवंतनगर गांव की पूर्वी दिशा पर बह रही पीलाखार नदी में बीते कुछ समय से मगरमच्छ दिखाई दे रहा है। यह जिस जगह दिखा उसके बराबर से ही लोग ह्यूम पाइप के पुल से होकर लोग माचियागढ़ आदि कई गांवों के लोग आवागमन करते हैं। शुक्रवार को नदी के बीचों -बीच एक टीले पर मगरमच्छ को धूप सेंकता हुआ देखा गया था। मगरमच्छ होने की खबर जब ग्रामीणों को हुई तब वहां लोगों का तांता लग गया। लोगों ने मगरमच्छ की वीडियो भी बनाई।
शनिवार को भी मगरमच्छ को लेकर ग्रामीणों में दहशत का माहौल दिखाई दिया। गांव निवासी परवेज खान ने बताया कि ग्रामीण अब नदी के किनारे पशुओं को पानी पिलाने अथवा नहाने के लिए भी नहीं जा रहे हैं।
उधर, वन अधिकारी भंडारी ने बताया कि मगरमच्छ आमतौर पर मनुष्य को तभी निशाना बनाते हैं जब उसके साथ छेड़छाड़ की जाए। उनका कहना है कि वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दे दी गई है।