रामपुर। बंटवारे की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद रामपुर रियासत का संचालन केंद्र रहा खासबाग पैलेस एक नए रूप में नजर आ सकता है। अंतिम शासक नवाब रजा अली खां के वंशज इसे बेचने के बजाए सहेजना चाहते हैं। पैलेस ही नहीं बल्कि अंतिम शासक के निजी शस्त्रागार में शामिल दो हजार से अधिक रियासतकालीन शस्त्र भी इस पैलेस की खूबसूरती बढ़ाएंगे। साथ ही रामपुर की एतिहासिक और सांस्कृतिक परंपराओं व उपलब्धियां भी इस पैलेस में दर्शाई जाएंगी।
नवाब खानदान की संपत्ति के बंटवारे की प्रक्रिया इन दिनों जिला जज कोर्ट में चल रही है। करीब 2600 करोड़ से अधिक संपत्ति का बंटवारा 16 पक्षकारों के बीच सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर शरीयत के अनुसार किया जाएगा। इसके लिए सोमवार को हुई सुनवाई में किस पक्षकार को कहां संपत्ति मिलेगी इसका ब्योरा प्रस्तुत करना था लेकिन अब शुक्रवार नौ जुलाई को होने वाली सुनवाई में संभवत: यह ब्योरा प्रस्तुत किया जाएगा।
इस बीच रामपुर रियासत के अंतिम शासक के पौत्र पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां ने बताया कि उनकी व अन्य कई पक्षकारों की मंशा है कि खासबाग पैलेस को बंटवारे के बाद भी बेचा न जाए बल्कि इसे सहेजा जाए। उन्होंने बताया कि खासबाग पैलेस से भी वंशजों की भावनाएं जुड़ी हुई हैं। इसलिए इसे नया रूप देकर सहेजा जाने का प्रयास किया जाएगा।